बेगूसराय के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल सिमरिया गंगा घाट पर आज शाम एक अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखने को मिला। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम के तहत सिमरिया तट हजारों दीयों की लौ से जगमगा उठा। आयोजन ने न केवल गंगा की लहरों को स्वर्णिम आभा से भर दिया, बल्कि पूरे वातावरण को भक्तिमय और गौरवशाली बना दिया। नमामि गंगे के इस कार्यक्रम की शुरुआत होते ही स्थानीय लोगों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मिलकर गंगा तट पर दीप प्रज्वलित किए। देखते ही देखते घाट का कोना-कोना रोशनी से नहा गया। घाट पर दीपों की सुंदर कतारें और भव्य आकृतियां उकेरी गई थी, जो दूर से देखने पर किसी स्वप्निल संसार जैसी प्रतीत हो रही थीं। दीपों के इस संगम ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस खास अवसर पर पूरा घाट ‘मेरे भारत के कंठहार, तुझको शत-शत वंदन बिहार’ जैसे बिहार गीत के सुरों से गुंजायमान रहा। संगीत और रोशनी के इस तालमेल ने उपस्थित लोगों के भीतर अपनी मिट्टी और संस्कृति के प्रति गौरव का भाव जगा दिया। कार्यक्रम में नमामि गंगे और स्वच्छता पखवाड़ा के संदेशों को भी प्रमुखता से दर्शाया गया। वरीय अधिकारी भी घाट पर मौजूद रहे जिससे गंगा की निर्मलता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाई जा सके। दीपोत्सव की भव्यता के साक्षी बनने के लिए जिले के वरीय अधिकारी भी घाट पर मौजूद रहे। डीएम श्रीकांत शास्त्री, उप विकास आयुक्त (DDC), जिला कला संस्कृति पदाधिकारी सहित प्रशासन के तमाम अधिकारियों ने लोगों के साथ दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मौके पर डीएम श्रीकांत शास्त्री ने कहा कि सिमरिया धाम न केवल बेगूसराय बल्कि पूरे बिहार की आस्था का केंद्र है। आज के दीपोत्सव का उद्देश्य गंगा की स्वच्छता का संदेश देना और हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजना है। जिसमें हर कोई अपने स्तर से लगे हुए हैं। जिस तरह से स्थानीय लोगों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है, वह सराहनीय है। सरकार सिमरिया को पर्यटन और आस्था का केंद्र बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। हाल के सालों में सिमरिया घाट के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे में हुए सुधार के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। आज के दीपोत्सव ने यह साबित कर दिया कि सिमरिया आने वाले समय में देश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराएगा। बेगूसराय के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल सिमरिया गंगा घाट पर आज शाम एक अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखने को मिला। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम के तहत सिमरिया तट हजारों दीयों की लौ से जगमगा उठा। आयोजन ने न केवल गंगा की लहरों को स्वर्णिम आभा से भर दिया, बल्कि पूरे वातावरण को भक्तिमय और गौरवशाली बना दिया। नमामि गंगे के इस कार्यक्रम की शुरुआत होते ही स्थानीय लोगों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मिलकर गंगा तट पर दीप प्रज्वलित किए। देखते ही देखते घाट का कोना-कोना रोशनी से नहा गया। घाट पर दीपों की सुंदर कतारें और भव्य आकृतियां उकेरी गई थी, जो दूर से देखने पर किसी स्वप्निल संसार जैसी प्रतीत हो रही थीं। दीपों के इस संगम ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस खास अवसर पर पूरा घाट ‘मेरे भारत के कंठहार, तुझको शत-शत वंदन बिहार’ जैसे बिहार गीत के सुरों से गुंजायमान रहा। संगीत और रोशनी के इस तालमेल ने उपस्थित लोगों के भीतर अपनी मिट्टी और संस्कृति के प्रति गौरव का भाव जगा दिया। कार्यक्रम में नमामि गंगे और स्वच्छता पखवाड़ा के संदेशों को भी प्रमुखता से दर्शाया गया। वरीय अधिकारी भी घाट पर मौजूद रहे जिससे गंगा की निर्मलता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाई जा सके। दीपोत्सव की भव्यता के साक्षी बनने के लिए जिले के वरीय अधिकारी भी घाट पर मौजूद रहे। डीएम श्रीकांत शास्त्री, उप विकास आयुक्त (DDC), जिला कला संस्कृति पदाधिकारी सहित प्रशासन के तमाम अधिकारियों ने लोगों के साथ दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मौके पर डीएम श्रीकांत शास्त्री ने कहा कि सिमरिया धाम न केवल बेगूसराय बल्कि पूरे बिहार की आस्था का केंद्र है। आज के दीपोत्सव का उद्देश्य गंगा की स्वच्छता का संदेश देना और हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजना है। जिसमें हर कोई अपने स्तर से लगे हुए हैं। जिस तरह से स्थानीय लोगों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है, वह सराहनीय है। सरकार सिमरिया को पर्यटन और आस्था का केंद्र बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। हाल के सालों में सिमरिया घाट के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे में हुए सुधार के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। आज के दीपोत्सव ने यह साबित कर दिया कि सिमरिया आने वाले समय में देश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराएगा।


