कानपुर के अरमापुर क्षेत्र में आयुध निर्माणी के अधिकारियों द्वारा एक पुराने और ऐतिहासिक खेल मैदान पर प्रस्तावित ‘भूमि पूजन’ का खिलाड़ियों और स्थानीय संगठनों ने कड़ा विरोध किया। हंगामे की सूचना पर अरमापुर और पनकी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। अरमापुर थाना क्षेत्र के अरमापुर स्टेट में स्थित खाली पड़े खेल मैदान पर बुधवार को आयुध निर्माणी के अधिकारियों द्वारा भूमि पूजन की तैयारी की जा रही थी। जैसे ही कार्यक्रम की शुरुआत हुई, स्थानीय निवासी, खिलाड़ी और यूनियन नेताओं ने इसका जोरदार विरोध शुरू कर दिया। कई घंटों तक हंगामा चलता रहा। लोगों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए अधिकारियों को पीछे हटना पड़ा और बिना भूमि पूजन किए ही वापस लौटना पड़ा। सैकड़ों लोग पहुंचे विरोध में स्मॉल आर्म्स फैक्ट्री के पास स्थित यह मैदान वर्षों से स्थानीय खिलाड़ियों के अभ्यास का प्रमुख केंद्र रहा है। जैसे ही भूमि पूजन की जानकारी फैली, सैकड़ों की संख्या में खिलाड़ी और कर्मचारी मैदान के गेट पर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। यूनियन नेता निर्भय शंकर सिंह, छविलाल यादव, विनोद तिवारी सहित अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में हुए इस विरोध के चलते अधिकारियों को कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने इसे खेल संस्कृति को बचाने की दिशा में बड़ी जीत बताया। पुलिस ने संभाला मोर्चा स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पनकी एसीपी सहित अरमापुर और पनकी थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात की गई। अरमापुर थाना प्रभारी मनोज पांडेय ने भारी पुलिस बल के साथ प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़े रहे कि जब मामला कोर्ट में लंबित है, तब तक मैदान पर किसी भी तरह का निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा।


