Alwar Sariska CTH News अलवर जिले में सरिस्का क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट (CTH) को लेकर बुधवार को मिनी सचिवालय सभागार में आयोजित बैठक में माहौल गर्मा गया। बैठक में टहला क्षेत्र सहित कई गांवों के किसान, स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में पहुंचे। CTH के दायरे में संभावित बदलाव को लेकर चर्चा के दौरान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए।
अधिकारी नहीं दे सके जवाब
बैठक में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रशासनिक अधिकारियों को घेरते हुए गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने अलवर कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला, सीसीएफ संग्राम सिंह और डीएफओ अभिमन्यु साहरण से पूछा कि आखिर CTH क्षेत्र में बदलाव की आवश्यकता क्यों है। जूली ने आरोप लगाया कि नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत से गरीब किसानों की जमीन को CTH में शामिल करने की कोशिश की जा रही है, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान CTH क्षेत्र में कोई कमी नहीं है और अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि नए क्षेत्र निर्धारण की जरूरत क्यों पड़ रही है।
मंत्रियों के दबाव में हैं अधिकारी
जूली ने कहा कि टहला क्षेत्र में खनन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए CTH में बदलाव किया जा रहा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और वन राज्य मंत्री संजय शर्मा के दबाव में अधिकारियों के काम करने की बात कही और पूरे मामले को बड़ा घोटाला बताया। उन्होंने कहा कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
बैठक के बाद बाहर हुई बहस
बैठक के बाद बाहर का माहौल और गरमा गया, जब टहला क्षेत्र के पालवा गांव के कमलेश कुमार मीणा ने जूली के आरोपों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि उन्हें नए CTH प्लान से कोई आपत्ति नहीं है और यह क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी है। इस दौरान तीखी बहस हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा।
जूली ने उठाए कई सवाल
जूली ने बाद में मीडिया से कहा कि शहर के पास के क्षेत्रों को CTH में शामिल कर दूर के क्षेत्रों को हटाने की कोशिश की जा रही है, जो संदिग्ध है। उन्होंने कहा कि सरिस्का क्षेत्र अलवर का प्रमुख प्राकृतिक संसाधन है और इसे बचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि CTH में बदलाव कर वन और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई तो वे इसका पुरजोर विरोध करेंगे।


