इंदरगढ़ में पटवारी का रिश्वत लेते VIDEO:सीमांकन के लिए 500 रुपए लिए; SDM ने किया निलंबित; 2 महीने पहले ही हुई थी बहाली

इंदरगढ़ में पटवारी का रिश्वत लेते VIDEO:सीमांकन के लिए 500 रुपए लिए; SDM ने किया निलंबित; 2 महीने पहले ही हुई थी बहाली

इंदरगढ़ तहसील के ग्राम कुलैथ में पदस्थ पटवारी जितेंद्र सोलंकी को 500 रुपए की रिश्वत लेते हुए वीडियो सामने आने के बाद बुधवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पटवारी ने यह राशि सीमांकन लागू करने के एवज में ली थी। तहसीलदार के प्रतिवेदन के आधार पर सेवढ़ा एसडीएम अशोक अवस्थी ने निलंबन की यह कार्रवाई की है। तहसीलदार दीपक यादव ने बताया कि पटवारी का रिश्वत लेते हुए वीडियो उनके संज्ञान में आया था। इसके बाद मामले की प्रारंभिक जांच कर आगे की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन एसडीएम सेवढ़ा को भेजा गया। इसी प्रतिवेदन के आधार पर एसडीएम ने निलंबन का आदेश जारी किया। भ्रष्टाचार और हठधर्मिता का आरोप एसडीएम के आदेश में उल्लेख किया गया है कि पटवारी द्वारा शासकीय कार्य के बदले अवैध धनराशि मांगना प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार और कदाचार की श्रेणी में आता है, जिससे शासन की छवि धूमिल हुई है। पटवारी को मामले में नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन उसने कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया। प्रशासन ने इसे पटवारी की हठधर्मिता माना है। पटवारी की सफाई- 2 साल पुराना है वीडियो वायरल वीडियो को लेकर निलंबित पटवारी जितेंद्र सोलंकी की सफाई भी सामने आई है। पटवारी का कहना है कि यह वीडियो दो साल पुराना है। उसने यह भी दावा किया कि यह राशि रिश्वत नहीं, बल्कि “लगान” के रूप में ली गई थी। दिसंबर 2025 में भी हो चुका है निलंबित जानकारी के अनुसार, पटवारी जितेंद्र सोलंकी को पूर्व में भी शासकीय कार्य में लापरवाही के चलते दिसंबर 2025 में निलंबित किया गया था। इसके बाद जनवरी 2026 में उसे चेतावनी देकर बहाल कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद उसकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया। राजस्व वसूली लंबित, मुख्यालय से भी नदारद निलंबन आदेश में यह भी सामने आया है कि पटवारी अपने निर्धारित मुख्यालय पर निवास नहीं कर रहा था और उसके प्रभार वाले क्षेत्र में राजस्व वसूली भी लंबित थी। इसके अलावा, ‘साइबर 2.0’ अभियान के तहत प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण नहीं किया गया, जिसे वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना माना गया है। 3 दिन में आरोप पत्र तैयार करने के निर्देश प्रशासन ने नायब तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि निलंबित पटवारी के खिलाफ तीन दिन के भीतर आरोप पत्र तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। वहीं, हल्का नंबर 12 (कुलैथ) का प्रभार अब काम को सुचारू रखने के लिए समीपस्थ पटवारी को सौंप दिया गया है।

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