फुटबॉल क्लब Chelsea पर गिरी गाज, Premier League ने लगाया 100 करोड़ का जुर्माना और कड़े प्रतिबंध

फुटबॉल क्लब Chelsea पर गिरी गाज, Premier League ने लगाया 100 करोड़ का जुर्माना और कड़े प्रतिबंध

इंग्लैंड की शीर्ष फुटबॉल लीग ने चेल्सी क्लब पर पुराने वित्तीय नियमों के उल्लंघन को लेकर जुर्माना और प्रतिबंध लगाए हैं। बता दें कि जांच में सामने आया कि वर्ष 2011 से 2018 के बीच क्लब से जुड़े कुछ भुगतान सही तरीके से दर्ज नहीं किए गए थे। इनमें खिलाड़ियों, एजेंटों और अन्य पक्षों को किए गए भुगतान शामिल थे, जिन्हें आधिकारिक खातों में नहीं दिखाया गया।गौरतलब है कि क्लब ने खुद भी यह स्वीकार किया है कि इन भुगतानों को छिपाना और सही जानकारी न देना नियमों का उल्लंघन था। इसी के चलते लीग ने कुल मिलाकर लगभग 10.75 मिलियन पाउंड का जुर्माना लगाया है।मौजूद जानकारी के अनुसार इसमें 10 मिलियन पाउंड वित्तीय रिपोर्टिंग से जुड़ी गड़बड़ियों के लिए और 7.5 लाख पाउंड युवा विकास से जुड़े एक अलग मामले में शामिल हैं। इसके साथ ही क्लब पर नौ महीने का अकादमी स्तर का स्थानांतरण प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं पहली टीम के लिए एक साल का स्थानांतरण प्रतिबंध भी दिया गया है, जिसे दो साल के लिए स्थगित रखा गया है।विशेषज्ञों का मानना है कि क्लब को अपेक्षाकृत कम सजा मिलने की बड़ी वजह उसका वर्तमान प्रबंधन है। बता दें कि नए मालिकों ने खुद आगे आकर इन गड़बड़ियों की जानकारी दी और जांच में पूरा सहयोग किया। मौजूद जानकारी के अनुसार क्लब ने जांच के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज भी साझा किए, जिससे लीग को मामले को समझने में मदद मिली।गौरतलब है कि एक और अहम कारण यह रहा कि संशोधित वित्तीय आंकड़ों के बाद भी क्लब ने नुकसान की तय सीमा को पार नहीं किया। इसी वजह से अंक कटौती जैसी कड़ी सजा से उसे राहत मिल गई। अगर क्लब निर्धारित वित्तीय सीमा का उल्लंघन करता तो स्थिति काफी गंभीर हो सकती थी और अंक कटौती जैसे फैसले भी सामने आ सकते थे।इस फैसले का क्लब पर असर कई स्तर पर देखने को मिल सकता है। आर्थिक रूप से जुर्माना बड़ा है, लेकिन छवि को हुआ नुकसान ज्यादा अहम माना जा रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार अकादमी स्तर पर लगाया गया प्रतिबंध तुरंत प्रभाव डाल सकता है। इससे क्लब युवा खिलाड़ियों को शामिल करने की प्रक्रिया में सीमित हो जाएगा।वहीं पहली टीम पर फिलहाल कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा क्योंकि मुख्य प्रतिबंध को स्थगित रखा गया है। हालांकि यह क्लब के लिए एक चेतावनी की तरह भी है कि भविष्य में किसी भी गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।गौरतलब है कि इस मामले से जुड़ी एक अलग अनुशासनात्मक प्रक्रिया अभी भी जारी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि क्लब के लिए चुनौतियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। खिलाड़ियों के स्तर पर देखा जाए तो मौजूदा टीम पर इसका सीधा असर नहीं है और वे सामान्य रूप से खेल सकते हैं। 

इंग्लैंड की शीर्ष फुटबॉल लीग ने चेल्सी क्लब पर पुराने वित्तीय नियमों के उल्लंघन को लेकर जुर्माना और प्रतिबंध लगाए हैं। बता दें कि जांच में सामने आया कि वर्ष 2011 से 2018 के बीच क्लब से जुड़े कुछ भुगतान सही तरीके से दर्ज नहीं किए गए थे। इनमें खिलाड़ियों, एजेंटों और अन्य पक्षों को किए गए भुगतान शामिल थे, जिन्हें आधिकारिक खातों में नहीं दिखाया गया।
गौरतलब है कि क्लब ने खुद भी यह स्वीकार किया है कि इन भुगतानों को छिपाना और सही जानकारी न देना नियमों का उल्लंघन था। इसी के चलते लीग ने कुल मिलाकर लगभग 10.75 मिलियन पाउंड का जुर्माना लगाया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार इसमें 10 मिलियन पाउंड वित्तीय रिपोर्टिंग से जुड़ी गड़बड़ियों के लिए और 7.5 लाख पाउंड युवा विकास से जुड़े एक अलग मामले में शामिल हैं। इसके साथ ही क्लब पर नौ महीने का अकादमी स्तर का स्थानांतरण प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं पहली टीम के लिए एक साल का स्थानांतरण प्रतिबंध भी दिया गया है, जिसे दो साल के लिए स्थगित रखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि क्लब को अपेक्षाकृत कम सजा मिलने की बड़ी वजह उसका वर्तमान प्रबंधन है। बता दें कि नए मालिकों ने खुद आगे आकर इन गड़बड़ियों की जानकारी दी और जांच में पूरा सहयोग किया। मौजूद जानकारी के अनुसार क्लब ने जांच के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज भी साझा किए, जिससे लीग को मामले को समझने में मदद मिली।
गौरतलब है कि एक और अहम कारण यह रहा कि संशोधित वित्तीय आंकड़ों के बाद भी क्लब ने नुकसान की तय सीमा को पार नहीं किया। इसी वजह से अंक कटौती जैसी कड़ी सजा से उसे राहत मिल गई। अगर क्लब निर्धारित वित्तीय सीमा का उल्लंघन करता तो स्थिति काफी गंभीर हो सकती थी और अंक कटौती जैसे फैसले भी सामने आ सकते थे।
इस फैसले का क्लब पर असर कई स्तर पर देखने को मिल सकता है। आर्थिक रूप से जुर्माना बड़ा है, लेकिन छवि को हुआ नुकसान ज्यादा अहम माना जा रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार अकादमी स्तर पर लगाया गया प्रतिबंध तुरंत प्रभाव डाल सकता है। इससे क्लब युवा खिलाड़ियों को शामिल करने की प्रक्रिया में सीमित हो जाएगा।
वहीं पहली टीम पर फिलहाल कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा क्योंकि मुख्य प्रतिबंध को स्थगित रखा गया है। हालांकि यह क्लब के लिए एक चेतावनी की तरह भी है कि भविष्य में किसी भी गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
गौरतलब है कि इस मामले से जुड़ी एक अलग अनुशासनात्मक प्रक्रिया अभी भी जारी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि क्लब के लिए चुनौतियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। खिलाड़ियों के स्तर पर देखा जाए तो मौजूदा टीम पर इसका सीधा असर नहीं है और वे सामान्य रूप से खेल सकते हैं।

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