श्रीगंगानगर। जिले के नए पुलिस अधीक्षक हरीशंकर ने पदभार ग्रहण करने के बाद स्पष्ट किया है कि जिले में नशे की तस्करी, गैंगस्टर गतिविधियों और बढ़ती चोरी की वारदातों पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन नशे के खिलाफ पहले से चल रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाते हुए तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। सोमवार को कार्यभार संभालने के बाद बातचीत में उन्होंने बताया कि जिला अंतरराष्ट्रीय सीमा और पंजाब की सीमा से सटा हुआ है। इस कारण यहां मादक पदार्थों की तस्करी की संभावनाएं अधिक रहती हैं। इसे देखते हुए पुलिस की ओर से नशे के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा तथा तस्करी में लिप्त लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस टीमों को सक्रिय रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में गैंगस्टरों की ओर से लोगों को धमकाने और भय का माहौल बनाने की घटनाओं को भी गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर तत्वों पर अंकुश लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आमजन में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
हनुमानगढ़ फार्मूला बनाएंगे
उन्होंने बताया कि हाल के समय में चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है। इन वारदातों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस विशेष रणनीति अपनाएगी। इसके तहत हनुमानगढ़ में लागू किए गए ‘हनुमानगढ़ फार्मूले’ को यहां भी अपनाने पर विचार किया जाएगा। इस फार्मूले के तहत चोरी की घटनाओं की जांच में केवल औपचारिकता पूरी करने की बजाय गंभीरता से पड़ताल की जाती है और अपराधियों तक पहुंचने के लिए पुलिस पूरी मेहनत करती है। उन्होंने कहा कि केवल किसी को नशेड़ी बताकर जांच को अधूरा नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि प्रत्येक मामले को खोलने के लिए पुलिस शत-प्रतिशत प्रयास करेगी।
ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए बनेगा एक्शन प्लान
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी नए पुलिस अधीक्षक ने गंभीरता दिखाई है। उन्होंने बताया कि शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए एक विशेष एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। इसके लिए पहले से कार्यरत अधिकारियों और उनके अधीनस्थ स्टाफ से फीडबैक लिया जाएगा। फीडबैक के आधार पर ऐसे कदम उठाए जाएंगे, जिससे शहर में यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके और आम लोगों को जाम की समस्या से राहत मिले।


