पालनपुर. बनासकांठा जिले की सरदार कृषिनगर दांतीवाड़ा कृषि यूनिवर्सिटी का 21वां दीक्षांत समारोह सोमवार को राज्यपाल सह कुलाधिपति आचार्य देवव्रत की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल के हाथों विभिन्न संकायों के 36 मेधावी छात्रों को 39 गोल्ड मेडल प्रदान किए गए। इनमें 7 चांसलर गोल्ड मेडल, 6 वाइस चांसलर गोल्ड मेडल और 26 डोनर गोल्ड मेडल शामिल हैं। इनके अलावा विभिन्न फैकल्टी के कुल 510 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। इनमें 302 स्नातक, 154 स्नातकोत्तर और 54 छात्रों को पीएच.डी. की डिग्री दी गई।
राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त छात्रों को कहा कि सत्य के मार्ग पर चलकर प्राप्त ज्ञान का राष्ट्रहित में उपयोग करना चाहिए। उन्होंने भूमि का ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ाने और स्वास्थ्यप्रद भोजन के लिए प्राकृतिक खेती को ही एकमात्र विकल्प बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसान खेत में जाना छोड़ दें और विद्यार्थी अध्ययन छोड़ दें तो दोनों का कार्य निरर्थक हो जाता है। प्रत्येक विद्यार्थी को देशहित में अच्छा कार्य करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। राज्यपाल ने श्री अन्न पुस्तक का विमोचन किया तथा विश्वविद्यालय के नए गेट और वेबसाइट का उद्घाटन किया।
कुलपति डॉ. एस. डी. सोलंकी ने बताया कि एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया हायर एजुकेशन रैंकिंग 2025-26 में यूनिवर्सिटी को देशभर में 11वां स्थान प्राप्त हुआ। गेहूं और अरंडी अनुसंधान केंद्रों को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार प्राप्त हुए। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी ने 96 गांवों को गोद लिया। बुनियादी सुविधाओं में वृद्धि के बारे में उन्होंने बताया कि अरवल्ली जिले में नया कृषि विज्ञान केंद्र तथा वाव-थराद जिले में कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना शामिल है।
मुख्य अतिथि के रूप में आइसीएआर, नई दिल्ली के एडीजी डॉ. संजीव गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में नए स्टार्टअप शुरू कर ‘नौकरी लेने वाले’ के बजाय ‘नौकरी देने वाले’ बनने का प्रयास करना चाहिए। समारोह में बेस्ट टीचर का पुरस्कार डॉ. आर. एस. जैमन को, बेस्ट रिसर्चर का पुरस्कार डॉ. एल. डी. परमार को और बेस्ट एक्सटेंशन एजुकेशनिस्ट का पुरस्कार डॉ. सचिन मालवे को दिया गया।
राज्यपाल ने सब्जी अनुसंधान केंद्र का भी दौरा किया। इस फार्म पर प्राकृतिक खेती के माध्यम से प्याज, चुकंदर, टमाटर, धनिया आदि सब्जी फसलों की खेती की जाती है। राज्यपाल ने खेत तलावड़ी, ऑटोमेटिक जीवामृत मशीन आदि का निरीक्षण भी किया।
राज्यपाल देवव्रत ने प्रदान की 510 विद्यार्थियों को डिग्री


