पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के भतीजे सुधीर कुमार सिंह को बक्सर में शराब पीने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद जमानत मिल गई है। जमानत मिलने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव आकर पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें एक साजिश के तहत फंसाया गया है और इसके पीछे सारण के एक बड़े नेता का हाथ है। सुधीर कुमार सिंह ने लाइव के दौरान दावा किया कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद कई लोग चोरी-छिपे शराब पीते हैं। उन्होंने पुलिस पर शराब माफियाओं से मिलकर शराब बिकवाने और उनसे वसूली करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो, तो कई पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आ सकती है। उत्पाद अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की गई बक्सर पुलिस ने नशे की हालत में दो युवकों को हिरासत में लिया था। इनमें पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के भतीजे सुधीर कुमार सिंह और सारण निवासी कुणाल सिंह शामिल थे। दोनों को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया, जहां रिपोर्ट में शराब पीने की पुष्टि हुई। इसके बाद उत्पाद अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की गई। मेडिकल जांच में शराब पीने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया। बाद में उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां एक्साइज स्पेशल कोर्ट-1 ने देर शाम उन्हें जमानत दे दी। सुधीर कुमार सिंह ने सोशल मीडिया पर अपनी सफाई दी जमानत मिलने के बाद सुधीर कुमार सिंह ने सोशल मीडिया पर अपनी सफाई दी। उन्होंने बताया कि वह मधुमेह से पीड़ित हैं और इलाज के लिए लखनऊ जा रहे थे। जब वह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर थे, तभी उन्हें सूचना मिली कि बक्सर में उनके कुछ मित्रों को प्रशासन ने रोक रखा है। सुधीर सिंह के अनुसार, यह जानकारी मिलने पर वह वापस लौटे। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे ही वह लौटे, पुलिस ने उन्हें एक झूठे मामले में फंसाकर गिरफ्तार कर लिया। उनका कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई थी। पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई उन्होंने यह भी दावा किया कि हाल ही में सारण में हुए एक गैंगरेप मामले में उन्होंने आवाज उठाई थी, जिसके बाद उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए वह इस मामले को आगे तक ले जाएंगे। हालांकि सुधीर कुमार सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर अब तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के भतीजे सुधीर कुमार सिंह को बक्सर में शराब पीने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद जमानत मिल गई है। जमानत मिलने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव आकर पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें एक साजिश के तहत फंसाया गया है और इसके पीछे सारण के एक बड़े नेता का हाथ है। सुधीर कुमार सिंह ने लाइव के दौरान दावा किया कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद कई लोग चोरी-छिपे शराब पीते हैं। उन्होंने पुलिस पर शराब माफियाओं से मिलकर शराब बिकवाने और उनसे वसूली करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो, तो कई पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आ सकती है। उत्पाद अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की गई बक्सर पुलिस ने नशे की हालत में दो युवकों को हिरासत में लिया था। इनमें पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के भतीजे सुधीर कुमार सिंह और सारण निवासी कुणाल सिंह शामिल थे। दोनों को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया, जहां रिपोर्ट में शराब पीने की पुष्टि हुई। इसके बाद उत्पाद अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की गई। मेडिकल जांच में शराब पीने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया। बाद में उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां एक्साइज स्पेशल कोर्ट-1 ने देर शाम उन्हें जमानत दे दी। सुधीर कुमार सिंह ने सोशल मीडिया पर अपनी सफाई दी जमानत मिलने के बाद सुधीर कुमार सिंह ने सोशल मीडिया पर अपनी सफाई दी। उन्होंने बताया कि वह मधुमेह से पीड़ित हैं और इलाज के लिए लखनऊ जा रहे थे। जब वह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर थे, तभी उन्हें सूचना मिली कि बक्सर में उनके कुछ मित्रों को प्रशासन ने रोक रखा है। सुधीर सिंह के अनुसार, यह जानकारी मिलने पर वह वापस लौटे। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे ही वह लौटे, पुलिस ने उन्हें एक झूठे मामले में फंसाकर गिरफ्तार कर लिया। उनका कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई थी। पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई उन्होंने यह भी दावा किया कि हाल ही में सारण में हुए एक गैंगरेप मामले में उन्होंने आवाज उठाई थी, जिसके बाद उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए वह इस मामले को आगे तक ले जाएंगे। हालांकि सुधीर कुमार सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर अब तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


