केकेएम कॉलेज में अभाविप ने की तालाबंदी:प्राध्यापकों की अनुपस्थिति पर 4 घंटे चला छात्रों का प्रदर्शन, मांगों को लेकर जमकर की नारेबाजी

केकेएम कॉलेज में अभाविप ने की तालाबंदी:प्राध्यापकों की अनुपस्थिति पर 4 घंटे चला छात्रों का प्रदर्शन, मांगों को लेकर जमकर की नारेबाजी

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने पाकुड़ जिला मुख्यालय के केकेएम कॉलेज में शनिवार को चार घंटे तक तालाबंदी की। यह आंदोलन यूजी सेमेस्टर-5 (2022-26) के अंग्रेजी विषय की इंटर्नशिप परीक्षा के लिए प्राध्यापकों की अनुपस्थिति और कॉलेज प्रशासन की कथित शिथिलता के विरोध में किया गया। कॉलेज प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद तालाबंदी समाप्त कर दी गई। अभाविप के प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी के पाकुड़ प्रवास के दौरान कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय में प्रदर्शन करते हुए तालाबंदी की। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी कर रहे थे। तालाबंदी के बाद कॉलेज प्रशासन हरकत में आया। कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य मौके पर पहुंचे और आंदोलनरत कार्यकर्ताओं से वार्ता की। इस दौरान प्रदेश मंत्री और कार्यकर्ताओं ने कॉलेज की विभिन्न समस्याओं की ओर उनका ध्यान आकर्षित कराया। प्रभारी प्राचार्य ने समस्याओं को गंभीरता से सुना और उचित कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया। आंदोलन को संबोधित करते हुए प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित परीक्षा तिथि पर प्राध्यापकों का अनुपस्थित रहना प्रशासन की छात्रों के भविष्य के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अभाविप ऐसी शैक्षणिक अराजकता को स्वीकार नहीं करेगी और यदि भविष्य में छात्र हितों के साथ खिलवाड़ हुआ, तो परिषद पूरे प्रदेश में निर्णायक संघर्ष करेगी। इस अवसर पर प्रदेश मंत्री ने छात्रावास के विद्यार्थियों से भी मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने बी.एड विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. महबूब आलम को ‘जनजातीय जुटान 2.0’ की स्मारिका भेंट कर शैक्षणिक विषयों पर चर्चा की। प्रदेश सह मंत्री बमभोला उपाध्याय ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि सेमेस्टर-5 के छात्र सुबह से परीक्षा के लिए परेशान थे, लेकिन महाविद्यालय प्रशासन जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं था। उन्होंने जोर दिया कि विद्यार्थी परिषद ने छात्रों की पीड़ा को समझा और उनके सम्मान के लिए संघर्ष किया। आंदोलन के दौरान मुख्य रूप से विभाग संगठन मंत्री बादल कुमार, कॉलेज अध्यक्ष दुलाल चंद्र दास, जनजातीय कार्य प्रमुख चंदन पहाड़िया, राहुल पहाड़िया, राकेश दास, मनोज सोरेन, श्वेता कुमारी और अंजना साहा सहित दर्जनों कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने पाकुड़ जिला मुख्यालय के केकेएम कॉलेज में शनिवार को चार घंटे तक तालाबंदी की। यह आंदोलन यूजी सेमेस्टर-5 (2022-26) के अंग्रेजी विषय की इंटर्नशिप परीक्षा के लिए प्राध्यापकों की अनुपस्थिति और कॉलेज प्रशासन की कथित शिथिलता के विरोध में किया गया। कॉलेज प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद तालाबंदी समाप्त कर दी गई। अभाविप के प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी के पाकुड़ प्रवास के दौरान कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय में प्रदर्शन करते हुए तालाबंदी की। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी कर रहे थे। तालाबंदी के बाद कॉलेज प्रशासन हरकत में आया। कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य मौके पर पहुंचे और आंदोलनरत कार्यकर्ताओं से वार्ता की। इस दौरान प्रदेश मंत्री और कार्यकर्ताओं ने कॉलेज की विभिन्न समस्याओं की ओर उनका ध्यान आकर्षित कराया। प्रभारी प्राचार्य ने समस्याओं को गंभीरता से सुना और उचित कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया। आंदोलन को संबोधित करते हुए प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित परीक्षा तिथि पर प्राध्यापकों का अनुपस्थित रहना प्रशासन की छात्रों के भविष्य के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अभाविप ऐसी शैक्षणिक अराजकता को स्वीकार नहीं करेगी और यदि भविष्य में छात्र हितों के साथ खिलवाड़ हुआ, तो परिषद पूरे प्रदेश में निर्णायक संघर्ष करेगी। इस अवसर पर प्रदेश मंत्री ने छात्रावास के विद्यार्थियों से भी मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने बी.एड विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. महबूब आलम को ‘जनजातीय जुटान 2.0’ की स्मारिका भेंट कर शैक्षणिक विषयों पर चर्चा की। प्रदेश सह मंत्री बमभोला उपाध्याय ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि सेमेस्टर-5 के छात्र सुबह से परीक्षा के लिए परेशान थे, लेकिन महाविद्यालय प्रशासन जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं था। उन्होंने जोर दिया कि विद्यार्थी परिषद ने छात्रों की पीड़ा को समझा और उनके सम्मान के लिए संघर्ष किया। आंदोलन के दौरान मुख्य रूप से विभाग संगठन मंत्री बादल कुमार, कॉलेज अध्यक्ष दुलाल चंद्र दास, जनजातीय कार्य प्रमुख चंदन पहाड़िया, राहुल पहाड़िया, राकेश दास, मनोज सोरेन, श्वेता कुमारी और अंजना साहा सहित दर्जनों कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।  

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