मेरठ शहर में एलपीजी गैस की किल्लत का असर अब आम लोगों की जेब पर भी पड़ने लगा है। गैस सिलेंडर महंगे दामों पर मिलने और समय पर सप्लाई न होने के कारण शहर के कई इलाकों में चाय के दाम बढ़ा दिए गए हैं। चाय दुकानदारों का कहना है कि जब तक गैस की स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक उन्हें अपना घाटा पूरा करने के लिए कीमत बढ़ाकर चाय बेचनी पड़ रही है।
शहर के बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और कोचिंग हब के आसपास की चाय की दुकानों पर पहले जहां 15 रुपये में मिलने वाली चाय अब 20 रुपये तक पहुंच गई है। इसके साथ साथ शहर में प्रसिद्व पंडित ढाबे की चाय में भी पांच रूपये की बढ़ोतरी हो गई है जिस से पहले 25 में मिलने वाली चाय अब 30 की हो गई है। दुकानदारों का कहना है कि गैस एजेंसियों से समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा और खुले बाजार में सिलेंडर महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ गई है।
लालकुर्ती क्षेत्र में चाय की दुकान करने वाले सौरव गर्ग के मुताबिक कई जगहों पर घरेलू सिलेंडर मिलने में भी दिक्कत हो रही है। ऐसे में कुछ लोगों को कमर्शियल सिलेंडर या खुले बाजार से गैस खरीदनी पड़ रही है, जिसकी कीमत ज्यादा पड़ रही है। लालकुर्ती और बेगमपुल इलाके के चाय दुकानदारों ने बताया कि पहले एक सिलेंडर कई दिनों तक चल जाता था, लेकिन अब गैस महंगी और मुश्किल से मिल रही है। ऐसे में मजबूरी में चाय के दाम बढ़ाने पड़े हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि जैसे ही गैस की सप्लाई सामान्य होगी, चाय की कीमत फिर पहले जैसी कर दी जाएगी। मजबूरी में पीनी पड़ेगी महंगी चाय
चाय पीने आने वाले ग्राहकों का कहना है कि वैश्विक तनाव का असर हर चीज पर दिखाई दे रहा है। रोजमर्रा की छोटी-छोटी चीजें भी महंगी होती जा रही हैं। हालांकि कई लोग दुकानदारों की मजबूरी भी समझ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि यदि गैस की सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो इसका असर अन्य छोटे कारोबारों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि होटल, ढाबा और छोटे फूड स्टॉल भी एलपीजी पर ही निर्भर हैं।


