दरभंगा के कलिगांव में जिस लड़की ने जयमाला के दौरान बारात को लौटा दिया था। उसी लड़की ने बारात के लौटने के 12 घंटे बाद दोबारा दूल्हे को बुलाया और परिजन के सामने लड़के से शादी की। मामला सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र का है। दरअसल, 11 मार्च को शादी के दौरान लड़की पक्ष के बीच किसी ने अफवाह फैला दी थी कि लड़का पहले से शादीशुदा है। दूल्हे के पहले से शादीशुदा होने की बात सुनकर लड़की ने शादी से इनकार कर दिया था। इसके बाद दूल्हे समेत उसके परिवार को तबतक बंधक बनाया गया, जब तक लड़के वालों ने शादी में लड़की की ओर से किए गए खर्च की रकम उन्हें नहीं दे दी। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला दरअसल, 11 मार्च की शाम मोरो गांव से दूल्हे के साथ बारात धूमधाम से कलिगांव पहुंची। गांव की महिलाओं की ओर से मंगलगीत गाए जा रहे थे और बारातियों का चाय-नाश्ता व मिठाइयों से भव्य स्वागत किया जा रहा था। बारातियों के भोजन के साथ ही दूल्हे को शादी की रस्मों के लिए आंगन में बने मंडप पर ले जाया गया। इसी दौरान किसी रिश्तेदार ने ये अफवाह फैला दी कि दूल्हे की पहले ही राजस्थान में शादी हो चुकी है। यह बात सुनते ही दुल्हन ने शादी से इंकार कर दिया। शादी रुकने की खबर फैलते ही पंडाल में अफरा-तफरी मच गई और कई बाराती वहां से निकल गए। ग्रामीणों ने दूल्हे, उसके पिता और कुछ परिजनों को रोक लिया। 12 मार्च की सुबह बिना दुल्हन घर लौटी बारात 12 मार्च की सुबह दूल्हे के पिता ने शादी समारोह में हुए खर्च का पूरा भुगतान कर दिया, जिसके बाद दूल्हा अपने परिजनों के साथ मायूस होकर बिना दुल्हन के घर लौट गया। इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में होने लगी और दोनों गांवों के गणमान्य लोग मामले को सुलझाने में जुट गए। जांच-पड़ताल में पता चला कि दूल्हा कुछ साल पहले राजस्थान की एक कंपनी में काम करता था, जहां एक युवती से उसका प्रेम संबंध था। दोनों करीब एक महीने साथ रहे थे, लेकिन बाद में युवती उसे छोड़कर चली गई। इसी पुराने मामले को किसी ने शादी की रात गलत तरीके से शादीशुदा होने की अफवाह बनाकर फैला दिया था। 12 मार्च की शाम को आदरपूर्वक दूल्हे को लाया गया कलिगांव वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद गांव के लोगों ने पहल कर मोरो गांव जाकर दूल्हे और उसके परिजनों को 12 मार्च की देर शाम फिर से आदरपूर्वक बुलाया। रात में दोबारा भोजन की व्यवस्था की गई और बाकी शादी की रस्में पूरी कराई गईं। इसके बाद शुक्रवार की सुबह बाजे-गाजे के साथ धूमधाम से दूल्हा-दुल्हन की विदाई कराई गई। दरभंगा के कलिगांव में जिस लड़की ने जयमाला के दौरान बारात को लौटा दिया था। उसी लड़की ने बारात के लौटने के 12 घंटे बाद दोबारा दूल्हे को बुलाया और परिजन के सामने लड़के से शादी की। मामला सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र का है। दरअसल, 11 मार्च को शादी के दौरान लड़की पक्ष के बीच किसी ने अफवाह फैला दी थी कि लड़का पहले से शादीशुदा है। दूल्हे के पहले से शादीशुदा होने की बात सुनकर लड़की ने शादी से इनकार कर दिया था। इसके बाद दूल्हे समेत उसके परिवार को तबतक बंधक बनाया गया, जब तक लड़के वालों ने शादी में लड़की की ओर से किए गए खर्च की रकम उन्हें नहीं दे दी। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला दरअसल, 11 मार्च की शाम मोरो गांव से दूल्हे के साथ बारात धूमधाम से कलिगांव पहुंची। गांव की महिलाओं की ओर से मंगलगीत गाए जा रहे थे और बारातियों का चाय-नाश्ता व मिठाइयों से भव्य स्वागत किया जा रहा था। बारातियों के भोजन के साथ ही दूल्हे को शादी की रस्मों के लिए आंगन में बने मंडप पर ले जाया गया। इसी दौरान किसी रिश्तेदार ने ये अफवाह फैला दी कि दूल्हे की पहले ही राजस्थान में शादी हो चुकी है। यह बात सुनते ही दुल्हन ने शादी से इंकार कर दिया। शादी रुकने की खबर फैलते ही पंडाल में अफरा-तफरी मच गई और कई बाराती वहां से निकल गए। ग्रामीणों ने दूल्हे, उसके पिता और कुछ परिजनों को रोक लिया। 12 मार्च की सुबह बिना दुल्हन घर लौटी बारात 12 मार्च की सुबह दूल्हे के पिता ने शादी समारोह में हुए खर्च का पूरा भुगतान कर दिया, जिसके बाद दूल्हा अपने परिजनों के साथ मायूस होकर बिना दुल्हन के घर लौट गया। इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में होने लगी और दोनों गांवों के गणमान्य लोग मामले को सुलझाने में जुट गए। जांच-पड़ताल में पता चला कि दूल्हा कुछ साल पहले राजस्थान की एक कंपनी में काम करता था, जहां एक युवती से उसका प्रेम संबंध था। दोनों करीब एक महीने साथ रहे थे, लेकिन बाद में युवती उसे छोड़कर चली गई। इसी पुराने मामले को किसी ने शादी की रात गलत तरीके से शादीशुदा होने की अफवाह बनाकर फैला दिया था। 12 मार्च की शाम को आदरपूर्वक दूल्हे को लाया गया कलिगांव वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद गांव के लोगों ने पहल कर मोरो गांव जाकर दूल्हे और उसके परिजनों को 12 मार्च की देर शाम फिर से आदरपूर्वक बुलाया। रात में दोबारा भोजन की व्यवस्था की गई और बाकी शादी की रस्में पूरी कराई गईं। इसके बाद शुक्रवार की सुबह बाजे-गाजे के साथ धूमधाम से दूल्हा-दुल्हन की विदाई कराई गई।


