सुपौल में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना भपटियाही थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-27 पर गढ़िया गांव के पास हुई। मृतक की पहचान पिपरा खुर्द पंचायत के नारायणपुर गांव वार्ड-7 निवासी शिवन मेहता के 26 वर्षीय बेटे महेश कुमार के रूप में की गई है। बुधवार की रात महेश कुमार एक पिकअप वैन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल रेफरल अस्पताल सिमराही में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार करने के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। खिड़की-दरवाजा बनाने की चलाते थे दुकान परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए नेपाल के विराटनगर स्थित एक निजी न्यूरो अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान गुरुवार को उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि महेश कुमार अपने घर के पास ही हाइवे किनारे छड़-सिमेंट तथा खिड़की-दरवाजा बनाने की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। मजदूर को छोड़कर घर लौटने के दौरान हादसा घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि बुधवार की रात वह सिमराही बाजार से अपने एक मजदूर को छोड़कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान गढ़िया गांव के पास पीछे से आ रही तेज रफ्तार पिकअप वैन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। घटना की खबर जैसे ही परिजनों को मिली, घर में मातम छा गया। बताया जाता है कि महेश कुमार तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटे थे। इस मामले में भपटियाही थानाध्यक्ष प्रजेश कुमार दुबे ने बताया कि सड़क दुर्घटना को लेकर मामले की जांच की जा रही है। साथ ही वाहन की पहचान और आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस जुटी हुई है। सुपौल में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना भपटियाही थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-27 पर गढ़िया गांव के पास हुई। मृतक की पहचान पिपरा खुर्द पंचायत के नारायणपुर गांव वार्ड-7 निवासी शिवन मेहता के 26 वर्षीय बेटे महेश कुमार के रूप में की गई है। बुधवार की रात महेश कुमार एक पिकअप वैन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल रेफरल अस्पताल सिमराही में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार करने के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। खिड़की-दरवाजा बनाने की चलाते थे दुकान परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए नेपाल के विराटनगर स्थित एक निजी न्यूरो अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान गुरुवार को उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि महेश कुमार अपने घर के पास ही हाइवे किनारे छड़-सिमेंट तथा खिड़की-दरवाजा बनाने की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। मजदूर को छोड़कर घर लौटने के दौरान हादसा घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि बुधवार की रात वह सिमराही बाजार से अपने एक मजदूर को छोड़कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान गढ़िया गांव के पास पीछे से आ रही तेज रफ्तार पिकअप वैन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। घटना की खबर जैसे ही परिजनों को मिली, घर में मातम छा गया। बताया जाता है कि महेश कुमार तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटे थे। इस मामले में भपटियाही थानाध्यक्ष प्रजेश कुमार दुबे ने बताया कि सड़क दुर्घटना को लेकर मामले की जांच की जा रही है। साथ ही वाहन की पहचान और आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस जुटी हुई है।


