गुरुवार को जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस ने गांधी मैदान स्थित नवनिर्मित पशुपालन कार्यालय भवन और निर्माणाधीन अरवल प्रखंड कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भवन की संरचना, निर्माण की गुणवत्ता और उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया। पशुपालन कार्यालय में आवश्यक सुविधाओं पर जोर
निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि नवनिर्मित पशुपालन कार्यालय भवन में विद्युत व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, फर्नीचर और अन्य कार्यालयीन सुविधाएं शीघ्र पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग किसानों और पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण है, और भवन के क्रियाशील होने से जिले के पशुपालक विभागीय योजनाओं का लाभ आसानी से उठा सकेंगे। अरवल प्रखंड कार्यालय का निर्माण और गुणवत्ता निर्देश
जिला पदाधिकारी ने बताया कि अरवल प्रखंड कार्यालय का निर्माण 16 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। पुराने भवन को ध्वस्त करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और परिसर में निर्माण में बाधा बन रहे पेड़ों और जर्जर भवनों को हटाया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखी जाए और शेष कार्य समय पर पूरा किया जाए। इसके साथ ही, पशुपालन विभाग की योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक पशुपालकों तक पहुंचाने का भी आदेश दिया। निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त श्री शैलेश कुमार, जिला पशुपालन पदाधिकारी और कार्यपालक अभियंता भवन निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। गुरुवार को जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस ने गांधी मैदान स्थित नवनिर्मित पशुपालन कार्यालय भवन और निर्माणाधीन अरवल प्रखंड कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भवन की संरचना, निर्माण की गुणवत्ता और उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया। पशुपालन कार्यालय में आवश्यक सुविधाओं पर जोर
निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि नवनिर्मित पशुपालन कार्यालय भवन में विद्युत व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, फर्नीचर और अन्य कार्यालयीन सुविधाएं शीघ्र पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग किसानों और पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण है, और भवन के क्रियाशील होने से जिले के पशुपालक विभागीय योजनाओं का लाभ आसानी से उठा सकेंगे। अरवल प्रखंड कार्यालय का निर्माण और गुणवत्ता निर्देश
जिला पदाधिकारी ने बताया कि अरवल प्रखंड कार्यालय का निर्माण 16 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। पुराने भवन को ध्वस्त करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और परिसर में निर्माण में बाधा बन रहे पेड़ों और जर्जर भवनों को हटाया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखी जाए और शेष कार्य समय पर पूरा किया जाए। इसके साथ ही, पशुपालन विभाग की योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक पशुपालकों तक पहुंचाने का भी आदेश दिया। निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त श्री शैलेश कुमार, जिला पशुपालन पदाधिकारी और कार्यपालक अभियंता भवन निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


