बड़वारा में रेत माफिया के हौसले बुलंद, छोटी महानदी का हो रहा अवैध उत्खनन, क्षेत्रीय नेता पर संरक्षण का आरोप

बड़वारा में रेत माफिया के हौसले बुलंद, छोटी महानदी का हो रहा अवैध उत्खनन, क्षेत्रीय नेता पर संरक्षण का आरोप

कटनी/बड़वारा. जिला प्रशासन भले ही अवैध उत्खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति की बात करता हो, लेकिन बड़वारा तहसील क्षेत्र में स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है। यहां रेत माफिया बेखौफ होकर छोटी महानदी का सीना छलनी कर रहे हैं और कथित रूप से उन्हें राजनीतिक संरक्षण तथा प्रशासनिक ढील का फायदा मिल रहा है। ताजा मामला बड़वारा थाना क्षेत्र के बसाड़ी ग्राम से गुजरने वाली छोटी महानदी की मोहरा खदान का है, जहां लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन का सिलसिला जारी है।
स्थानीय ग्रामीण सुरेंद्र चौधरी ने आरोप लगाते हुए बताया कि कुछ व्यक्ति लंबे समय से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से रेत का अवैध कारोबार कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि ये लोग राजनीतिक संरक्षण के चलते धौंस दिखाकर खुलेआम रेत का अवैध खनन और परिवहन कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध कारोबार के कारण शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद प्रशासन और पुलिस इस पूरे मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक संरक्षण के चलते रेत माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

सूचना मिलते ही सतर्क हो जाते हैं माफिया

ग्रामीणों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि जब भी अवैध उत्खनन की जानकारी बड़वारा पुलिस को दी जाती है, तो कार्रवाई नहीं की जाती। रेत माफिया को पहले से सूचना मिल जाती है। इसके चलते माफिया मौके से अपने वाहन हटा लेते हैं और पुलिस के पहुंचने तक स्थिति सामान्य दिखने लगती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह आरोप सही है, तो यह खाकी और खनन माफिया के बीच गहरी सांठगांठ की ओर इशारा करता है। इस कारण अवैध उत्खनन पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है।

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दिखावे की कार्रवाई से नहीं रुक रहा अवैध कारोबार

स्थानीय लोगों के अनुसार छोटी महानदी के किनारों पर दिन-रात ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही देखी जा सकती है। दर्जनों वाहन लगातार नदी से रेत निकालकर आसपास के क्षेत्रों में पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन होने के बावजूद पुलिस कभी-कभार एक-दो ट्रैक्टरों को पकडकऱ कार्रवाई का दिखावा करती है और फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। इससे रेत माफिया के हौसले और भी बुलंद हो गए हैं और अवैध कारोबार लगातार जारी है।

कलेक्टर से जांच की मांग

इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीण सुरेंद्र चौधरी ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर अवैध उत्खनन और उससे जुड़े कथित सिंडिकेट की जांच की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर इस अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो इससे न केवल पर्यावरण को गंभीर नुकसान होगा, बल्कि नदी के प्राकृतिक स्वरूप पर भी खतरा मंडराने लगेगा।

वर्जन

इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। जैसे ही शिकायत प्राप्त होगी, नियमानुसार जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

प्रमोद चतुर्वेदी, एसडीएम।

मामला उनके संज्ञान में आया है। क्षेत्रीय खनिज निरीक्षक को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी और यदि अवैध उत्खनन पाया जाता है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आरके दीक्षित, जिला खनिज अधिकारी।

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