जहानाबाद ड्राइवर एसोसिएशन ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर कारगिल चौक पर धरना दिया। एसोसिएशन के सदस्य कनौदी से पैदल मार्च करते हुए कारगिल चौक पहुंचे। संजय कुमार ने बताया कि वे अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में ड्राइवरों की मृत्यु को आपदा में शामिल करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, ड्राइवरों के लिए वेलफेयर फंड की व्यवस्था, दुर्घटना में मृत्यु पर 20 लाख रुपये और अपाहिज होने पर 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का प्रावधान करने की मांग की गई है। परिवार को भी पेंशन देने की मांग भी उठाई गई 60 साल की आयु के बाद पेंशन की व्यवस्था और ड्राइवर की मृत्यु होने पर उसके परिवार को भी पेंशन देने की मांग भी उठाई गई है। एसोसिएशन ने उच्च शिक्षण संस्थानों में ड्राइवरों के बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था करने की भी मांग की है। वे ड्राइवरों को द्वितीय श्रेणी के सैनिक का दर्जा देने और सभी वाहनों में सीसीटीवी लगाने की भी वकालत कर रहे हैं। सीसीटीवी कैमरों का उद्देश्य घटना के समय दोषी की पहचान करना और उसी के अनुसार सजा सुनिश्चित करना है। पूरे भारत में आंदोलन चलाने की दी चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती है, तो वे पूरे भारत में आंदोलन चलाएंगे और सरकार को अपनी मांगें मानने के लिए बाध्य करेंगे। उनका कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में अक्सर ड्राइवर को ही दोषी ठहराया जाता है, भले ही दूसरे लोग दोषी हों। ड्राइवर संगठन ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जहानाबाद ड्राइवर एसोसिएशन ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर कारगिल चौक पर धरना दिया। एसोसिएशन के सदस्य कनौदी से पैदल मार्च करते हुए कारगिल चौक पहुंचे। संजय कुमार ने बताया कि वे अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में ड्राइवरों की मृत्यु को आपदा में शामिल करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, ड्राइवरों के लिए वेलफेयर फंड की व्यवस्था, दुर्घटना में मृत्यु पर 20 लाख रुपये और अपाहिज होने पर 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का प्रावधान करने की मांग की गई है। परिवार को भी पेंशन देने की मांग भी उठाई गई 60 साल की आयु के बाद पेंशन की व्यवस्था और ड्राइवर की मृत्यु होने पर उसके परिवार को भी पेंशन देने की मांग भी उठाई गई है। एसोसिएशन ने उच्च शिक्षण संस्थानों में ड्राइवरों के बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था करने की भी मांग की है। वे ड्राइवरों को द्वितीय श्रेणी के सैनिक का दर्जा देने और सभी वाहनों में सीसीटीवी लगाने की भी वकालत कर रहे हैं। सीसीटीवी कैमरों का उद्देश्य घटना के समय दोषी की पहचान करना और उसी के अनुसार सजा सुनिश्चित करना है। पूरे भारत में आंदोलन चलाने की दी चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती है, तो वे पूरे भारत में आंदोलन चलाएंगे और सरकार को अपनी मांगें मानने के लिए बाध्य करेंगे। उनका कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में अक्सर ड्राइवर को ही दोषी ठहराया जाता है, भले ही दूसरे लोग दोषी हों। ड्राइवर संगठन ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


