सतना जिले में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का एक मामला सामने आया है। विभाग के सहायक परियोजना अधिकारी (एपीसी) राजेश पांडे ने स्वयं एक वीडियो बनाकर स्कूलों में शिक्षकों की लापरवाही को उजागर किया है। यह वीडियो उन्होंने विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किया। यह घटना नागौद विकासखंड की माध्यमिक शाला रेरुआ खुर्द की है। शनिवार को सुबह 10:55 बजे एपीसी राजेश पांडेय स्कूल पहुंचे तो बच्चे मैदान में खेल रहे थे। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और पाया कि प्रधानाध्यापिका सहित स्कूल के अन्य नियमित शिक्षक अनुपस्थित थे। एक शिक्षिका गुलाब कली मांझी उन्हें गांव के रास्ते में मिली थीं और वे उन्हें अपने साथ स्कूल लाए थे। एक अतिथि शिक्षक भी अनुपस्थित पाए गए। बच्चों ने बताया कि प्रधानाध्यापिका रीता सिंह ने स्कूल के गेट की चाबी एक छात्रा को सौंप रखी थी ताकि बच्चे समय पर उपस्थित रह सकें। तीन साल से समय पर आने की समझाइश दे रहे थे
बच्चों ने यह भी बताया कि शिक्षकों का देर से स्कूल पहुंचना कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह आए दिन की स्थिति है। एपीसी राजेश पांडेय ने बताया कि रेरुआ खुर्द उनका गृह ग्राम है और वे पिछले तीन साल से स्टाफ को समय पर आने की समझाइश दे रहे थे, लेकिन उनकी बात का कोई असर नहीं हुआ। माध्यमिक शाला खुलने का निर्धारित समय सुबह 10:30 बजे है। एपीसी राजेश पांडेय लगभग 11:30 बजे तक स्कूल में रहे, लेकिन तब तक अनुपस्थित स्टाफ नहीं पहुंचा था। उन्होंने बताया कि सोमवार को सभी गैरहाजिर शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।


