रामगढ़ जिले की चूटूपालू घाटी में एक अनियंत्रित ट्रेलर पलट गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। इस घटना के कारण घाटी में लगभग 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। यह ट्रेलर रांची से रामगढ़ की ओर आ रहा था, तभी घाटी में अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रेलर का अगला हिस्सा उसके पिछले हिस्से से अलग हो गया और पिछला हिस्सा ड्राइवर के बीच फंस गया। ट्रेलर के बड़े आकार के कारण सड़क पर दोनों ओर से गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में छोटे-बड़े सभी प्रकार के वाहन फंसे घटना की सूचना मिलते ही रामगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस क्रेन की मदद से पलटे हुए ट्रेलर को हटाने का प्रयास कर रही है, ताकि जाम को जल्द से जल्द खोला जा सके। प्रशासन ने एक लेन को बंद करके दूसरे लेन को चालू करने का प्रयास किया था, लेकिन बंद किए गए लेन में भी 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। जाम में छोटे-बड़े सभी प्रकार के वाहन फंसे हुए हैं। चूटूपालू घाटी अपनी घुमावदार सड़कों और लगातार होने वाली दुर्घटनाओं के लिए जानी जाती है, जिसके कारण इसे ‘मौत की घाटी’ भी कहा जाता है। यहां अक्सर लंबे वाहन पलट जाते हैं, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है और कई लोगों की जान भी जा चुकी है। जिला प्रशासन ने जाम से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन वे प्रभावी साबित नहीं हो रहे हैं। लंबे समय से जाम में फंसे राहगीर प्रशासन पर नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि कम से कम एक लेन को पूरी तरह से चालू रखा जाना चाहिए ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। रामगढ़ जिले की चूटूपालू घाटी में एक अनियंत्रित ट्रेलर पलट गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। इस घटना के कारण घाटी में लगभग 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। यह ट्रेलर रांची से रामगढ़ की ओर आ रहा था, तभी घाटी में अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रेलर का अगला हिस्सा उसके पिछले हिस्से से अलग हो गया और पिछला हिस्सा ड्राइवर के बीच फंस गया। ट्रेलर के बड़े आकार के कारण सड़क पर दोनों ओर से गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में छोटे-बड़े सभी प्रकार के वाहन फंसे घटना की सूचना मिलते ही रामगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस क्रेन की मदद से पलटे हुए ट्रेलर को हटाने का प्रयास कर रही है, ताकि जाम को जल्द से जल्द खोला जा सके। प्रशासन ने एक लेन को बंद करके दूसरे लेन को चालू करने का प्रयास किया था, लेकिन बंद किए गए लेन में भी 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। जाम में छोटे-बड़े सभी प्रकार के वाहन फंसे हुए हैं। चूटूपालू घाटी अपनी घुमावदार सड़कों और लगातार होने वाली दुर्घटनाओं के लिए जानी जाती है, जिसके कारण इसे ‘मौत की घाटी’ भी कहा जाता है। यहां अक्सर लंबे वाहन पलट जाते हैं, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है और कई लोगों की जान भी जा चुकी है। जिला प्रशासन ने जाम से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन वे प्रभावी साबित नहीं हो रहे हैं। लंबे समय से जाम में फंसे राहगीर प्रशासन पर नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि कम से कम एक लेन को पूरी तरह से चालू रखा जाना चाहिए ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।


