सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड में पिछले करीब 4 दिनों से घरेलू गैस सिलेंडर की भारी किल्लत बनी हुई है। इससे लगभग 32 हजार उपभोक्ता प्रभावित हैं और हजारों परिवारों के घरों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है। गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हुई है। कई परिवारों को खाना बनाने के लिए लकड़ी के चूल्हे या अन्य पारंपरिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इस समस्या से महिलाएं और बुजुर्ग विशेष रूप से परेशान हैं, क्योंकि उन्हें अधिक समय और श्रम लगाना पड़ रहा है। गोदाम के बाहर कतार में खड़े लोग स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे हर सुबह गैस गोदाम के बाहर सिलेंडर मिलने की उम्मीद में लंबी कतारें लगाते हैं। कई लोग घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन अक्सर सिलेंडर खत्म होने की सूचना मिलने पर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। इससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
4 दिन से लोग परेशान ग्रामीणों के अनुसार, पिछले लगभग 4 दिन से गैस की आपूर्ति लगभग ठप है। यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। कुछ स्थानीय लोग इस गैस संकट को अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से भी जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर गैस आपूर्ति पर पड़ सकता है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। गैस प्लांट से ही नहीं हो रही आपूर्ति वहीं, गणपति एचपी गैस एजेंसी के व्यवस्थापक ने बताया कि गैस प्लांट से ही पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। प्लांट से सीमित संख्या में सिलेंडर मिल रहे हैं, जिसके कारण सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही आपूर्ति सामान्य होगी, उपभोक्ताओं को नियमित रूप से सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। फिलहाल गैस की कमी से लोगों की परेशानी बनी हुई है। सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड में पिछले करीब 4 दिनों से घरेलू गैस सिलेंडर की भारी किल्लत बनी हुई है। इससे लगभग 32 हजार उपभोक्ता प्रभावित हैं और हजारों परिवारों के घरों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है। गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हुई है। कई परिवारों को खाना बनाने के लिए लकड़ी के चूल्हे या अन्य पारंपरिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इस समस्या से महिलाएं और बुजुर्ग विशेष रूप से परेशान हैं, क्योंकि उन्हें अधिक समय और श्रम लगाना पड़ रहा है। गोदाम के बाहर कतार में खड़े लोग स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे हर सुबह गैस गोदाम के बाहर सिलेंडर मिलने की उम्मीद में लंबी कतारें लगाते हैं। कई लोग घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन अक्सर सिलेंडर खत्म होने की सूचना मिलने पर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। इससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
4 दिन से लोग परेशान ग्रामीणों के अनुसार, पिछले लगभग 4 दिन से गैस की आपूर्ति लगभग ठप है। यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। कुछ स्थानीय लोग इस गैस संकट को अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से भी जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर गैस आपूर्ति पर पड़ सकता है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। गैस प्लांट से ही नहीं हो रही आपूर्ति वहीं, गणपति एचपी गैस एजेंसी के व्यवस्थापक ने बताया कि गैस प्लांट से ही पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। प्लांट से सीमित संख्या में सिलेंडर मिल रहे हैं, जिसके कारण सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही आपूर्ति सामान्य होगी, उपभोक्ताओं को नियमित रूप से सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। फिलहाल गैस की कमी से लोगों की परेशानी बनी हुई है।


