Iran Israel War: अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग का आज आठवां दिन है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ऐलान किया है कि आज रात ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला होगा। उन्होंने कहा कि इस हमले का मकसद ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को तबाह करना है। अमेरिकी हमलों ने ईरान की क्षमता को 90 फीसदी तक घटा दिया है।
इससे पहले इजरायल ने तेहरान के मोहराबाद एयरपोर्ट पर हवाई हमला किया। धमाके से पूरा इलाका दहल उठा। वहीं, जानकारी सामने आ रही है कि इस जंग में रूस ईरान की खुफिया मदद कर रहा है। वह ईरान को मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन से जुड़ी जानकारी दे रहा है। इस जानकारी की मदद से ही ईरान की IRGC अमेरिकी सैन्य ठिकानों व दूतावासों को निशाना बना रहे हैं।
वॉशिंगटन पोस्ट ने तीन सैन्य अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट किया है कि रूस ईरान को ऐसी टारगेटिंग इंटेलिजेंस दे रहा है। जिसकी वजह से वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने में सफल हुआ है। अखबार के अनुसार, इस जंग के दौरान अमेरिका इजरायल को 151.8 मिलियन डॉलर के हथियार भी मुहैया कराएगा।
सैनिकों की शव वापसी में शामिल होंगी मेलानिया ट्रंप
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ डोवर वायु सेना अड्डे पर ईरान के साथ युद्ध के शुरुआती दिनों मारे गए अमेरिकी सैन्य कर्मियों के लिए आयोजित एक अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होंगे। वहीं, ट्रंप ने आगे लिखा कि प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ डोवर में उनके साथ शामिल होंगी।
अब तक ईरान में 1300 से अधिक मौतें
अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग में अब तक 1300 से अधिक ईरानी नागरिकों की मौत हो गई। 14 मेडिकल सेंटरों को निशाना बनाया गया है। ईरान के कई प्रांतों में बिजली और पानी पूरी तरह से ठप हैं। अमेरिका का दावा है कि ईरान के 300 मिसाइल लॉन्चर तबाह हो चुके हैं। वहीं, अमेरिका के 6 सैनिकों की मौत हुई है और उसके 20 सैन्य बेसों को नुकसान हुआ है।


