मम्मी, पापा मुझे माफ करना, मैं जान देने जा रही हूं… डायरी में यह सुसाइड नोट लिखकर रेलवे टेक्नीशियन ने कमरे में दुपट्टे से फंदा लगाकर जान दे दी। दरवाजा न खुलने पर छुट्टी से वापस आई रूम पार्टनर ने परिजनों और गोविंद नगर पुलिस को सूचना दी। पुलिस दरवाजा तोड़ कमरे में दाखिल हुई तो युवती का शव फंदे पर लटकता मिला। घटनास्थल पर जांच के दौरान फोरेंसिक टीम को एक डायरी मिली, जिसमें युवती ने चंद लाइनों का सुसाइड नोट लिखा था। गोविंद नगर 10 ब्लॉक में किराए पर रहती थी मूलरूप से बिहार, मुजफ्फरपुर निवासी नेहा कुमारी (28) वर्ष 2020 में रेलवे में टेकनीशियन के पद पर नियुक्त हुई थीं, जिसके बाद उनकी तैनाती फजलगंज स्थित वर्कशॉप में थी। आगरा मेट्रो में कार्यरत बड़े भाई चंदन ने बताया कि नेहा गोविंद नगर स्थित 10 ब्लॉक में वर्कशॉप में ही कार्यरत सोनल के साथ रहती थी। उनके पिता उमेश कुमार झारखंड स्थित प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हैं। बताया कि 23 फरवरी को छुट्टी लेकर नेहा होली का त्योहार मनाने बिहार गई थीं, गुरुवार को ही वह वापस लौटी और कमरे में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। देर शाम रूम पार्टनर सोनल कमरे पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद मिला, काफी देर तक दरवाजा न खुलने पर सोनल ने पुलिस और परिजनों को जानकारी दी। गोविंद नगर पुलिस दरवाजा तोड़ कमरे में घुसी तो नेहा का शव दुपट्टे से लटकता मिला। घटना की जानकारी पर भाई चंदन व साथी कर्मचारी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। साथी कर्मचारियों ने बताया कि नेहा बहुत ही हंसमुख स्वभाव की थी, परिजनों ने किसी भी प्रकार के तनाव की बात से इंकार किया है। गोविंद नगर इंस्पेक्टर रिकेश कुमार सिंह ने बताया कि युवती की डायरी से सुसाइड नोट मिला है, आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।


