सीवान सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था में गंभीर लापरवाही का एक मामला सामने आया है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक घायल युवक को नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों की अनुपस्थिति में एक आम युवक ने तीन इंजेक्शन लगाए। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जीबी नगर थाना प्रभारी मिहिर कुमार सड़क दुर्घटना में घायल ओमप्रकाश नामक युवक को इलाज के लिए सीवान सदर अस्पताल लाए थे। उन्हें आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया, लेकिन इसके बाद जो स्थिति सामने आई, उसने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया। दवा का पर्चा लिखकर डॉक्टर गायब
बताया गया कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने घायल युवक को देखने के बाद केवल दवा का पर्चा लिखा और वहां से चले गए। इसके बाद मरीज के साथ आए परिजन बाहर से दवा लेकर आए और नर्सिंग स्टाफ से बार-बार इंजेक्शन लगाने का अनुरोध करते रहे। मौके पर मौजूद दैनिक भास्कर के संवाददाता ने भी नर्सिंग स्टाफ से इस संबंध में बात की, लेकिन कर्मचारियों ने मरीज पर ध्यान नहीं दिया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, घायल युवक के पास खड़े एक आम व्यक्ति ने ही एक-एक करके मरीज को तीन इंजेक्शन लगा दिए। चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौरान न तो किसी डॉक्टर ने उसे रोका और न ही किसी नर्सिंग स्टाफ ने हस्तक्षेप किया। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक आम व्यक्ति द्वारा मरीज को इंजेक्शन लगाए जाने का यह वीडियो कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है। सीवान सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था में गंभीर लापरवाही का एक मामला सामने आया है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक घायल युवक को नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों की अनुपस्थिति में एक आम युवक ने तीन इंजेक्शन लगाए। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जीबी नगर थाना प्रभारी मिहिर कुमार सड़क दुर्घटना में घायल ओमप्रकाश नामक युवक को इलाज के लिए सीवान सदर अस्पताल लाए थे। उन्हें आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया, लेकिन इसके बाद जो स्थिति सामने आई, उसने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया। दवा का पर्चा लिखकर डॉक्टर गायब
बताया गया कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने घायल युवक को देखने के बाद केवल दवा का पर्चा लिखा और वहां से चले गए। इसके बाद मरीज के साथ आए परिजन बाहर से दवा लेकर आए और नर्सिंग स्टाफ से बार-बार इंजेक्शन लगाने का अनुरोध करते रहे। मौके पर मौजूद दैनिक भास्कर के संवाददाता ने भी नर्सिंग स्टाफ से इस संबंध में बात की, लेकिन कर्मचारियों ने मरीज पर ध्यान नहीं दिया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, घायल युवक के पास खड़े एक आम व्यक्ति ने ही एक-एक करके मरीज को तीन इंजेक्शन लगा दिए। चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौरान न तो किसी डॉक्टर ने उसे रोका और न ही किसी नर्सिंग स्टाफ ने हस्तक्षेप किया। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक आम व्यक्ति द्वारा मरीज को इंजेक्शन लगाए जाने का यह वीडियो कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है।


