करौली के मेला मैदान में गुरुवार को नाल दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए पहलवानों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में दर्शक इस प्रतियोगिता को देखने पहुंचे। यह पारंपरिक नाल दंगल बारह गांव गुर्जर समाज अथाई चटीकना की ओर से भाईदूज के अवसर पर आयोजित किया गया था। प्रतियोगिता में राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और दिल्ली सहित कई राज्यों के पहलवानों ने भाग लिया। आयोजन समिति के सदस्य देवेंद्र गुर्जर ने बताया कि दंगल में विभिन्न वजन की नाल उठाने की प्रतियोगिताएं हुईं। 60 किलोग्राम की नाल को 37 पहलवानों ने, जबकि 76 किलोग्राम की नाल को 26 पहलवानों ने सफलतापूर्वक उठाया। इसी तरह 93 किलोग्राम की नाल 18 पहलवानों ने और 100 किलोग्राम की नाल 6 पहलवानों ने उठाई। हालांकि, 120 किलोग्राम की सबसे भारी नाल को कोई भी पहलवान नहीं उठा सका। 100 किलोग्राम की नाल उठाने वाले पहलवानों में माखन गुर्जर (माघपुर बयाना), आकाश बगदिया (सपोटरा), हेमराज गुर्जर (चूली गंगापुर सिटी), जितेंद्र (रेरई राजपुर), हेम सिंह गुर्जर (फूलेकी झोंपड़ी) और फरवान (हिण्डौन) शामिल थे। दंगल के दौरान बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे, जिन्होंने तालियों से पहलवानों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर आम चौरासी के जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुर्जर, आयोजन के सभापति कैलाश खूबनगर, सचिव शंभु धावाई, भरोसी पटेल, विजय सिंह, कमल पटेल और हंसराज सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस नाल दंगल ने एक बार फिर क्षेत्र की पारंपरिक खेल संस्कृति और ग्रामीण खेलों की जीवंत परंपरा को प्रदर्शित किया।


