नेपाल में प्रतिनिधि सभा चुनाव शुरू:77 जिलों में मतदान, 3.38 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात, मधुबनी में भारत-नेपाल सीमा सील

नेपाल में प्रतिनिधि सभा चुनाव शुरू:77 जिलों में मतदान, 3.38 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात, मधुबनी में भारत-नेपाल सीमा सील

पड़ोसी देश नेपाल में प्रतिनिधि सभा के लिए आम चुनाव गुरुवार, 5 मार्च की सुबह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से शुरू हो गए हैं। देश के सभी 77 जिलों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है। पिछले साल सितंबर में हुई हिंसक युवा क्रांति के बाद यह नेपाल का पहला राष्ट्रीय चुनाव है।निर्वाचन आयोग नेपाल ने शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। सुरक्षा व्यवस्था को तीन चरणों में बांटा गया है। चुनाव ड्यूटी में कुल 3 लाख 38 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 80 हजार नेपाली सेना के जवान शामिल हैं। देश के चुनावी इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। यह चुनाव पिछले साल की ‘जेनजी’ क्रांति के बाद हो रहा है, जिसने तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-मार्क्सवादी-लेनिनवादी) की कम्युनिस्ट सरकार को सत्ता से हटा दिया था। सुरक्षा से जुड़ी तस्वीरें… धनुषा और महोतरी जिलों में प्रतिनिधि सभा का चुनाव हो रहा
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला ओली और काठमांडू के पूर्व मेयर तथा राष्ट्रीय स्वतंत्रता पार्टी के युवा नेता बालेंद्र शाह के बीच है। चुनाव के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा सोमवार, 2 मार्च की मध्यरात्रि से सील कर दी गई है। मधुबनी जिले का पुलिस प्रशासन भी अलर्ट पर है। जयनगर डीएसपी राघव दयाल ने जयनगर अनुमंडल क्षेत्र से सटे सीमावर्ती इलाकों का एसएसबी अधिकारियों, थानाध्यक्ष अमित कुमार और पुलिस व एसएसबी जवानों के साथ जायजा लिया। डीएसपी, एसएसबी और थानाध्यक्ष अमित कुमार ने पुलिस बल और एसएसबी जवानों के साथ इनरवा, अकोन्हा और बेतोन्हा जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण किया और कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मधुबनी जिले से सटे नेपाल के सिरहा, धनुषा और महोतरी जिलों में प्रतिनिधि सभा का चुनाव हो रहा है। जयनगर-जनकपुर रेल खंड पर चलने वाली नेपाली ट्रेन का परिचालन भी तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। सीमा पर तैनात एसएसबी की 48वीं बटालियन के कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने बताया कि सीमा पर पहले से ही अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पड़ोसी देश नेपाल में प्रतिनिधि सभा के लिए आम चुनाव गुरुवार, 5 मार्च की सुबह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से शुरू हो गए हैं। देश के सभी 77 जिलों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है। पिछले साल सितंबर में हुई हिंसक युवा क्रांति के बाद यह नेपाल का पहला राष्ट्रीय चुनाव है।निर्वाचन आयोग नेपाल ने शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। सुरक्षा व्यवस्था को तीन चरणों में बांटा गया है। चुनाव ड्यूटी में कुल 3 लाख 38 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 80 हजार नेपाली सेना के जवान शामिल हैं। देश के चुनावी इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। यह चुनाव पिछले साल की ‘जेनजी’ क्रांति के बाद हो रहा है, जिसने तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-मार्क्सवादी-लेनिनवादी) की कम्युनिस्ट सरकार को सत्ता से हटा दिया था। सुरक्षा से जुड़ी तस्वीरें… धनुषा और महोतरी जिलों में प्रतिनिधि सभा का चुनाव हो रहा
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला ओली और काठमांडू के पूर्व मेयर तथा राष्ट्रीय स्वतंत्रता पार्टी के युवा नेता बालेंद्र शाह के बीच है। चुनाव के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा सोमवार, 2 मार्च की मध्यरात्रि से सील कर दी गई है। मधुबनी जिले का पुलिस प्रशासन भी अलर्ट पर है। जयनगर डीएसपी राघव दयाल ने जयनगर अनुमंडल क्षेत्र से सटे सीमावर्ती इलाकों का एसएसबी अधिकारियों, थानाध्यक्ष अमित कुमार और पुलिस व एसएसबी जवानों के साथ जायजा लिया। डीएसपी, एसएसबी और थानाध्यक्ष अमित कुमार ने पुलिस बल और एसएसबी जवानों के साथ इनरवा, अकोन्हा और बेतोन्हा जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण किया और कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मधुबनी जिले से सटे नेपाल के सिरहा, धनुषा और महोतरी जिलों में प्रतिनिधि सभा का चुनाव हो रहा है। जयनगर-जनकपुर रेल खंड पर चलने वाली नेपाली ट्रेन का परिचालन भी तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। सीमा पर तैनात एसएसबी की 48वीं बटालियन के कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने बताया कि सीमा पर पहले से ही अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।  

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