टली Toxic की रिलीज डेट, ‘धुरंधर 2’ नहीं इस कारण लिया मेकर्स ने बड़ा फैसला

टली Toxic की रिलीज डेट, ‘धुरंधर 2’ नहीं इस कारण लिया मेकर्स ने बड़ा फैसला

Toxic Release Date Changed: जहां पूरा देश आज होली के रंगों में डूबा है, वहीं साउथ सुपरस्टार यश के फैंस के लिए एक ऐसी खबर आई है जिसने त्यौहार के उत्साह को थोड़ा फीका कर दिया है। काफी समय से चर्चा में रही मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स’ को लेकर मेकर्स ने बड़ा फैसला लिया है। फिल्म की रिलीज डेट बदल दी गई है। साथ ही इसकी नई डेट भी सामने आ गई है। पहले ये फिल्म धुरंधर 2 के साथ क्लैश करने वाली थी लेकिन अचानक इस फैसले से हर कोई हैरान हो रहा है, लेकिन इसके पोस्टपोन होने की बड़ी वजह धुरंधर 2 से टक्कर नहीं है बल्कि इसका कारण दूसरा है…

इस बड़े कारण बदली टॉक्सिक की रिलीज डेट (Toxic Release Postponed)

जैसे ही रिलीज डेट आगे बढ़ने की खबर आई, सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई कि क्या यश ने रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ के साथ होने वाले महा-मुकाबले (क्लैश) से बचने के लिए यह कदम उठाया है? लेकिन मेकर्स ने तुरंत स्थिति साफ कर दी। फिल्म की टीम ने होली के मौके पर एक आधिकारिक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि यह फैसला किसी क्लैश की वजह से नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) में चल रहे युद्ध और तनावपूर्ण हालातों को देखते हुए लिया गया है।

मेकर्स का आधिकारिक बयान (Why Toxic release date changed)

मेकर्स ने अपनी भावुक पोस्ट में लिखा, “टॉक्सिक को हमने एक ग्लोबल फिल्म के तौर पर तैयार किया है। इसे कन्नड़ और अंग्रेजी में खास तौर पर दुनिया भर के दर्शकों के लिए बनाया गया है। हम 19 मार्च को इसे आपके साथ शेयर करने के लिए बहुत उत्साहित थे, लेकिन मौजूदा अनिश्चितता, खासकर मिडिल ईस्ट के बिगड़ते हालात, हमारे उस मकसद में बाधा डाल रहे हैं जिसके तहत हम फिल्म को ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाना चाहते थे।”

बयान में आगे कहा गया कि अपने पार्टनर्स और दर्शकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए टीम ने भारी मन से रिलीज को टालने का निर्णय लिया है। अब यह फिल्म 4 जून 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में कई भाषाओं में एक साथ रिलीज होगी।

Toxic Release Postponed

फैंस हुए दुखी (Toxic Release Date Changed)

यश के फैंस इस खबर से थोड़े निराश जरूर हैं, लेकिन वह मेकर्स के इस समझदारी भरे फैसले का समर्थन भी कर रहे हैं। दरअसल, मिडिल ईस्ट में बड़ी संख्या में भारतीय और कन्नड़ भाषी लोग रहते हैं। वहां युद्ध के कारण थिएटर बंद हैं और लोग संकट में हैं, ऐसे में फिल्म रिलीज करना बिजनेस के लिहाज से भी जोखिम भरा हो सकता था।

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