बिहार राज्य महिला आयोग में एक मामला सामने आया है जिसमें एक महिला ने अपनी शादी के 10 दिन बाद पति को नपुंसक बताकर उससे तलाक ले लिया। वहीं, वह अब अपने बूढ़े पिता पर सरकारी नौकरी वाले लड़के से शादी नहीं करवाने का आरोप लगा रही है। उसने अपने पिता से गांव-गांव जाकर सरकारी नौकरी वाला लड़का ढूंढने को कहा है। अपनी पहली शादी से उसने तलाक के बाद 9 लाख रुपए एल्यूमिनी के तौर पर लिए हैं। यह मामला फुलवारी शरीफ के दानापुर चक का है। 2017 में गयाजी में हुई थी पहली शादी आवेदिका की शादी अप्रैल 2017 में गयाजी में की गई थी। पीड़िता ने बताया कि मैं एक शिक्षिका हूं और दीदारगंज के पास एक गांव के मध्य विद्यालय में काम करती हूं। मेरी शादी को लेकर मेरे भैया और भाभी का रवैया बहुत ही असहनीय है। घर में शादी करवाने के नाम पर घर के सदस्य खासकर मेरी भाभियां मुझे ताने मारती हैं। भाइयों से पूछने पर मुझे डांट पड़ती है और कभी-कभी मारपीट भी करते हैं। अक्टूबर 2025 में मेरे भाइयों द्वारा साफ कह दिया गया कि वह मेरी शादी में कोई सहयोग नहीं करेंगे। दूसरी शादी के नाम पर भाभियां उड़ाती मजाक उसने आगे कहा कि मेरी शादी के लिए जो 3 डिसमिल जमीन मेरे नाम किया गया था, उससे भी मेरी शादी नहीं कर रहे हैं। मेरे पिता वृद्ध हो चुके हैं और घर में कोई भी सामाजिक तौर पर मेरी जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। घर में लड़ाई झगड़ा होने के कारण मुझे घर वालों ने घर छोड़ने को कह दिया है। अब मैं इंसाफ के लिए महिला आयोग पहुंची हूं। मैं चाहती हूं कि मेरे घर वाले मेरी शादी करवाकर सामाजिक तौर पर अपना फर्ज निभाएं। मैं अकेली और बेसहारा हो चुकी हूं। एल्यूमिनी में मिले 9 लाख रुपए को बेटी ने FD करा लिया पीड़िता के पिता ने कहा कि शादी के 10 दिन बाद लड़की अपना ससुराल छोड़कर आ गई और कहा कि लड़का नपुंसक है। उसके बाद उसने तलाक ले लिया और एल्यूमिनी में उसे 9 लाख रुपए मिले। इन पैसों का मेरी बेटी ने FD करवा लिया। मेरी बेटी अब दूसरी शादी सिर्फ सरकारी नौकरी वाले से करना चाहती है। मैंने उसकी पहली शादी में काफी पैसे खर्च किए थे और अब सरकारी नौकरी वाला लड़का बिना दहेज मिलना मुश्किल है, लेकिन मैं फिर भी कोशिश कर रहा हूं। 21 अप्रैल को सुनवाई की अगली तारीख बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य श्यामा सिंह ने कहा कि एक महिला ने अपने पिता और तीन भाइयों के खिलाफ आवेदन दिया है। उसकी उम्र 38 साल है और उसने कहा कि उसके पिता उसकी दूसरी शादी नहीं करवा रहे हैं। वह अपने 86 साल के बूढ़े पिता को गांव-गांव जाकर सरकारी नौकरी वाला लड़का ढूंढ कर लाने को कह रही है। वहीं, उसके पिता ने बताया कि मैंने अपनी बेटी की शादी हिंदू रीति रिवाज में काफी उपहार देकर, दो कट्ठा जमीन बेचकर करवाया था। सुनवाई से पहले ही पीड़िता महिला आयोग से चली गई। अब 21 अप्रैल को सुनवाई की अगली तारीख दी गई है। बिहार राज्य महिला आयोग में एक मामला सामने आया है जिसमें एक महिला ने अपनी शादी के 10 दिन बाद पति को नपुंसक बताकर उससे तलाक ले लिया। वहीं, वह अब अपने बूढ़े पिता पर सरकारी नौकरी वाले लड़के से शादी नहीं करवाने का आरोप लगा रही है। उसने अपने पिता से गांव-गांव जाकर सरकारी नौकरी वाला लड़का ढूंढने को कहा है। अपनी पहली शादी से उसने तलाक के बाद 9 लाख रुपए एल्यूमिनी के तौर पर लिए हैं। यह मामला फुलवारी शरीफ के दानापुर चक का है। 2017 में गयाजी में हुई थी पहली शादी आवेदिका की शादी अप्रैल 2017 में गयाजी में की गई थी। पीड़िता ने बताया कि मैं एक शिक्षिका हूं और दीदारगंज के पास एक गांव के मध्य विद्यालय में काम करती हूं। मेरी शादी को लेकर मेरे भैया और भाभी का रवैया बहुत ही असहनीय है। घर में शादी करवाने के नाम पर घर के सदस्य खासकर मेरी भाभियां मुझे ताने मारती हैं। भाइयों से पूछने पर मुझे डांट पड़ती है और कभी-कभी मारपीट भी करते हैं। अक्टूबर 2025 में मेरे भाइयों द्वारा साफ कह दिया गया कि वह मेरी शादी में कोई सहयोग नहीं करेंगे। दूसरी शादी के नाम पर भाभियां उड़ाती मजाक उसने आगे कहा कि मेरी शादी के लिए जो 3 डिसमिल जमीन मेरे नाम किया गया था, उससे भी मेरी शादी नहीं कर रहे हैं। मेरे पिता वृद्ध हो चुके हैं और घर में कोई भी सामाजिक तौर पर मेरी जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। घर में लड़ाई झगड़ा होने के कारण मुझे घर वालों ने घर छोड़ने को कह दिया है। अब मैं इंसाफ के लिए महिला आयोग पहुंची हूं। मैं चाहती हूं कि मेरे घर वाले मेरी शादी करवाकर सामाजिक तौर पर अपना फर्ज निभाएं। मैं अकेली और बेसहारा हो चुकी हूं। एल्यूमिनी में मिले 9 लाख रुपए को बेटी ने FD करा लिया पीड़िता के पिता ने कहा कि शादी के 10 दिन बाद लड़की अपना ससुराल छोड़कर आ गई और कहा कि लड़का नपुंसक है। उसके बाद उसने तलाक ले लिया और एल्यूमिनी में उसे 9 लाख रुपए मिले। इन पैसों का मेरी बेटी ने FD करवा लिया। मेरी बेटी अब दूसरी शादी सिर्फ सरकारी नौकरी वाले से करना चाहती है। मैंने उसकी पहली शादी में काफी पैसे खर्च किए थे और अब सरकारी नौकरी वाला लड़का बिना दहेज मिलना मुश्किल है, लेकिन मैं फिर भी कोशिश कर रहा हूं। 21 अप्रैल को सुनवाई की अगली तारीख बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य श्यामा सिंह ने कहा कि एक महिला ने अपने पिता और तीन भाइयों के खिलाफ आवेदन दिया है। उसकी उम्र 38 साल है और उसने कहा कि उसके पिता उसकी दूसरी शादी नहीं करवा रहे हैं। वह अपने 86 साल के बूढ़े पिता को गांव-गांव जाकर सरकारी नौकरी वाला लड़का ढूंढ कर लाने को कह रही है। वहीं, उसके पिता ने बताया कि मैंने अपनी बेटी की शादी हिंदू रीति रिवाज में काफी उपहार देकर, दो कट्ठा जमीन बेचकर करवाया था। सुनवाई से पहले ही पीड़िता महिला आयोग से चली गई। अब 21 अप्रैल को सुनवाई की अगली तारीख दी गई है।


