जशपुर में गांजा तस्करी नेटवर्क का खुलासा:24 किलो गांजा जब्त, दो तस्कर और 2 आरक्षक गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल

जशपुर में गांजा तस्करी नेटवर्क का खुलासा:24 किलो गांजा जब्त, दो तस्कर और 2 आरक्षक गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गांजा तस्करी के संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। कोतवाली पुलिस की कार्रवाई में 24 किलो गांजा जब्त किया गया। मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान दो पुलिस आरक्षकों की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें भी गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। दरअसल, पुलिस को 28 फरवरी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि विवेकानंद कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाला रवि विश्वकर्मा अपने घर में भारी मात्रा में अवैध गांजा छिपाकर रखा था। सूचना मिलते ही कोतवाली की टीम ने दबिश दी। तलाशी के दौरान मकान में रखी एक पेटी से 24 पैकेट गांजा बरामद हुआ। गांजा जब्त कर आरोपी रवि विश्वकर्मा को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि गांजा उसे गोविंद उर्फ सुनील भगत ने पैसों के बदले अपने घर में रखने के लिए दिया था। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी गोविंद उर्फ सुनील भगत को गिरफ्तार कर लिया। जब्त गांजा का कुल वजन लगभग 24 किलो है। एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज जशपुर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 74/26 दर्ज किया गया। आरोपियों के खिलाफ धारा 20 (बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला कायम किया गया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। दो आरक्षकों की भूमिका उजागर मामले ने गंभीर मोड़ तब लिया जब मुख्य आरोपी गोविंद उर्फ सुनील से सघन पूछताछ में दो पुलिस आरक्षकों की भूमिका सामने आई। आरक्षक क्रमांक 581 धीरेंद्र मधुकर (37) और आरक्षक क्रमांक 392 अमित त्रिपाठी (35) दोनों थाना तपकरा में पदस्थ थे। आरोप है कि गांजा तस्करी नेटवर्क में उनकी संलिप्तता रही। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि जांच में संलिप्तता पाए जाने पर दोनों को गिरफ्तार किया गया। न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। नेटवर्क में उनकी भूमिका की गहन जांच जारी है। ओडिशा सीमा से जुड़ा अंतरराज्यीय नेटवर्क तपकरा थाना क्षेत्र छत्तीसगढ़-ओडिशा अंतरराज्यीय सीमा से सटा है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले कि ओडिशा से गांजा की खेप लाकर जशपुर के रास्ते अन्य राज्यों में भेजी जाती थी। जानकारों के अनुसार ओडिशा से निकलने वाली खेप छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, झारखंड, बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र तक पहुंचती है। दूरी बढ़ने पर कीमत कई गुना बढ़ जाती है, जिससे तस्करों को भारी मुनाफा मिलता है। हाल ही में कुनकुरी पुलिस ने ओडिशा से मध्यप्रदेश के सिंगरौली ले जाई जा रही गांजा की खेप जब्त की थी। इससे नेटवर्क की सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत कार्रवाई जशपुर पुलिस नशीले पदार्थों के खिलाफ ‘ऑपरेशन आघात’ चला रही है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के अनुसार पिछले दो महीनों में 344 किलो गांजा और 640 नग कफ सिरप जब्त किया गया। इस अवधि में 13 तस्कर गिरफ्तार किए गए। चार लग्जरी कार और एक बाइक भी जब्त की गई। साल 2025 में 45 तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की गई। दो करोड़ 21 लाख 49 हजार रुपए का गांजा और 11 वाहन जब्त किए गए। कानून से ऊपर कोई नहीं एएसपी राकेश पटनावार ने कहा कि इस कार्रवाई ने जिले में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ सख्ती का संदेश दिया है। विभागीय अनुशासन और जवाबदेही को भी स्पष्ट किया गया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं। मामले की विस्तृत जांच जारी है। नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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