166वीं ऐतिहासिक राम बारात में उमड़ा जनसैलाब, देखे 10 तस्वीरें:यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल अनोखी राम बारात का शहरभर में हुआ भव्य स्वागत

166वीं ऐतिहासिक राम बारात में उमड़ा जनसैलाब, देखे 10 तस्वीरें:यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल अनोखी राम बारात का शहरभर में हुआ भव्य स्वागत

बरेली में सोमवार को 166वीं ऐतिहासिक राम बारात धूमधाम से निकाली गई। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल इस अनोखी बारात में करीब 50 हजार बाराती शामिल हुए। बमनपुरी में चल रही श्रीरामलीला के छठे दिन प्रभु राम की बारात निकाली गई, जिसमें बाराती पूरी तरह रंगों में सराबोर नजर आए। इससे पहले रविवार को सीता स्वयंवर और धनुष यज्ञ का भावपूर्ण मंचन हुआ था, जिसके बाद आज विवाह के उल्लास में यह भव्य राम बारात निकाली गई। मंदिर से शुरू होकर वहीं संपन्न हुई बारात
रामलीला अध्यक्ष राजू मिश्रा ने बताया कि इस बार की बारात अद्भुत रही। सुबह 11 बजे श्री नरसिंह मंदिर ब्रह्मपुरी से पूजन के बाद शुरू हुई यह बारात मलूकपुर, बिहारीपुर, कुतुबखाना, बरेली कॉलेज, कालीबाड़ी और श्यामगंज होते हुए गुजरी। शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए शाम 6 बजे बारात वापस मंदिर परिसर पहुंची। प्रवक्ता विशाल मेहरोत्रा के अनुसार, मंगलवार को चंद्र ग्रहण होने के कारण परंपरा में बदलाव कर बारात एक दिन पहले सोमवार को ही निकाली गई। देखे अनोखी राम बारात की 10 तस्वीरें ….. फूलों और रंगों की हुई वर्षा
सजे हुए लकड़ी के रथ पर प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और गुरु विश्वामित्र के स्वरूप विराजमान थे। रास्ते भर श्रद्धालु तिलक लगाकर और आरती उतारकर स्वरूपों का पूजन करते रहे। रथ के आगे ट्रैक्टर-ठेलों पर रखे ड्रमों से हुरियारे पंपों के जरिए रंगों की बौछार कर रहे थे। बैंड-बाजे और डीजे पर बजते होली के गीतों ने माहौल को पूरी तरह उत्सवमयी बना दिया। स्थानीय लोगों ने अपनी छतों से भी बारातियों पर जमकर रंग और फूल बरसाए। मुस्लिम समुदाय ने भी किया स्वागत
राम बारात का स्वागत कोतवाली पर द हिन्दू सोशल ट्रस्ट, नावेल्टी चौराहे पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ पवन सक्सेना और बरेली कॉलेज पर खेल जगत फाउंडेशन ने किया। विशेष बात यह रही कि साहू गोपी नाथ और लाल मस्जिद के पास मुस्लिम समुदाय, पीस कमेटी व अमन कमेटी ने बारात पर फूलों की वर्षा की। शिवाजी मार्ग पर वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने स्वरूपों का पूजन किया। प्रशासन ने सौहार्द बनाए रखने के लिए मार्ग में पड़ने वाली 50 से अधिक मस्जिदों को तिरपाल से ढकवाया था। ड्रोन और सीसीटीवी से रखी गई नजर
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। एसपी सिटी मानुष पारीक, एसपी साउथ अंशिका वर्मा, एएसपी शिवम आशुतोष, सीओ सिटी फर्स्ट आशुतोष शिवम, सीओ सिटी सेकेंड अंजली तिवारी, सीओ सिटी थर्ड पंकज श्रीवास्तव सहित कई सीओ, इंस्पेक्टर, बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स भी जुलूस के साथ तैनात रही। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से पल-पल की निगरानी की गई। 1861 से जारी है फाल्गुन की यह अनूठी लीला
बरेली की इस रामलीला को वर्ष 2008 में यूनेस्को ने ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ की सूची में स्थान दिया था। देश में यह इकलौती ऐसी रामलीला है जो शरद ऋतु की जगह फाल्गुन (होली) के महीने में आयोजित होती है। पिछले 166 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा पूरी दुनिया में विख्यात है।

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