रंगों के त्योहार होली से पहले शहर में इस बार सिर्फ गुलाल ही नहीं, बल्कि सुरक्षा का रंग भी दिखेगा। प्रशासन ने साफ किया है कि इस बार होली पर डीजे और अश्लील गीतों की धुन पर कोई हुड़दंग नहीं चलेगा। करीब डेढ़ से दो हजार पुलिसकर्मी शहर में तैनात रहेंगे और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी। SSP प्रमोद कुमार ने बताया कि होली के दौरान डीजे बजाने और अश्लील गीत चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। सोशल मीडिया पर भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। आपत्तिजनक पोस्ट या भड़काऊ सामग्री डालने वालों पर तत्काल कार्रवाई होगी। थानों में शांति समिति की बैठकें कर लोगों से सहयोग की अपील की गई है। मॉक ड्रिल में दंगा जैसे हालातों पर नियंत्रण की प्रैक्टिस की गई वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भागलपुर पुलिस पिछले दो दिनों से पुलिस केंद्र में दंगा नियंत्रण अभ्यास कर रही है। सीनियर एसपी और सिटी के नेतृत्व में पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास में दंगा जैसे हालात तैयार कर पुलिसकर्मियों को सिखाया गया कि भीड़ को कैसे नियंत्रित करना है, हालात बिगड़ने पर किस रणनीति से काबू पाना है। वाटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर करने की तकनीक का भी प्रशिक्षण दिया गया। संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी के लिए स्पेशल टीमों की जिम्मेदारी शहर के संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमों को जिम्मेदारी दी गई है। SSP प्रमोद ने बताया कि होली का त्योहार आपसी भाईचारे और खुशी का प्रतीक है, इसे किसी भी हाल में अशांति का रूप नहीं लेने दिया जाएगा। सीनियर एसपी ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखें, अफवाहों से बचें और नियमों का पालन करें। त्योहार का असली रंग प्रेम और सद्भाव में है, न कि शोर-शराबे और हुड़दंग में। इस बार भागलपुर में होली सिर्फ रंगों से नहीं, बल्कि सुरक्षा और सख्ती के रंग में भी रंगी नजर आएगी। रंगों के त्योहार होली से पहले शहर में इस बार सिर्फ गुलाल ही नहीं, बल्कि सुरक्षा का रंग भी दिखेगा। प्रशासन ने साफ किया है कि इस बार होली पर डीजे और अश्लील गीतों की धुन पर कोई हुड़दंग नहीं चलेगा। करीब डेढ़ से दो हजार पुलिसकर्मी शहर में तैनात रहेंगे और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी। SSP प्रमोद कुमार ने बताया कि होली के दौरान डीजे बजाने और अश्लील गीत चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। सोशल मीडिया पर भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। आपत्तिजनक पोस्ट या भड़काऊ सामग्री डालने वालों पर तत्काल कार्रवाई होगी। थानों में शांति समिति की बैठकें कर लोगों से सहयोग की अपील की गई है। मॉक ड्रिल में दंगा जैसे हालातों पर नियंत्रण की प्रैक्टिस की गई वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भागलपुर पुलिस पिछले दो दिनों से पुलिस केंद्र में दंगा नियंत्रण अभ्यास कर रही है। सीनियर एसपी और सिटी के नेतृत्व में पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास में दंगा जैसे हालात तैयार कर पुलिसकर्मियों को सिखाया गया कि भीड़ को कैसे नियंत्रित करना है, हालात बिगड़ने पर किस रणनीति से काबू पाना है। वाटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर करने की तकनीक का भी प्रशिक्षण दिया गया। संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी के लिए स्पेशल टीमों की जिम्मेदारी शहर के संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमों को जिम्मेदारी दी गई है। SSP प्रमोद ने बताया कि होली का त्योहार आपसी भाईचारे और खुशी का प्रतीक है, इसे किसी भी हाल में अशांति का रूप नहीं लेने दिया जाएगा। सीनियर एसपी ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखें, अफवाहों से बचें और नियमों का पालन करें। त्योहार का असली रंग प्रेम और सद्भाव में है, न कि शोर-शराबे और हुड़दंग में। इस बार भागलपुर में होली सिर्फ रंगों से नहीं, बल्कि सुरक्षा और सख्ती के रंग में भी रंगी नजर आएगी।


