भारत-नेपाल सीमा पर नशीली दवाओं का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त:SSB और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक गिरफ्तार

भारत-नेपाल सीमा पर नशीली दवाओं का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त:SSB और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक गिरफ्तार

भारत–नेपाल सीमा से सटे भिट्ठामोड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नशीली दवाओं की तस्करी में शामिल एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। श्रीखंडी मिट्ठा गांव में मुखिया के नाम से कुख्यात विनय कुमार उर्फ विक्रम मुखिया(46) को भारी मात्रा में प्रतिबंधित मेडिकल साइकोट्रोपिक ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया है। गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, सशस्त्र सीमा बल (SSB) के समवाय कमांडर को सूचना मिली थी कि सीमावर्ती इलाके में बड़ी मात्रा में मनोसक्रिय दवाओं की अवैध बिक्री हो रही है।
इस पर मुख्य आरक्षी राजकुमार (SSB) और सहायक उप निरीक्षक नवीन कुमार साह (बिहार पुलिस) के नेतृत्व में संयुक्त गश्ती दल बनाया गया और छापेमारी की योजना तैयार की गई। निजी गुमटी से मिला नशीले कफ सिरप और टैबलेट्स का जखीरा टीम ने आरोपी की निजी गुमटी को घेरकर तलाशी ली। इस दौरान एक कार्टून में छिपाकर रखे गए प्रतिबंधित दवाओं के दर्जनों कार्टन बरामद किए गए। जब्त सामान में शामिल हैं Codeine Phosphate युक्त कफ सिरप की कई बोतलें, Triprolidine Hydrochloride मिश्रित दवाएं, Pyeenvon Spas Plus जैसी नशीली टैबलेट्स की भारी मात्रा। बरामदगी इतनी अधिक थी कि जांच दल ने मौके पर ही इसे “युवाओं की नशे की सप्लाई के लिए तैयार किया गया बड़ा स्टॉक” बताया। पूछताछ में खुद को बताया विक्रम मुखिया गिरफ्तार व्यक्ति ने पूछताछ में अपना नाम विनय कुमार उर्फ विक्रम मुखिया बताया। प्रारंभिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि वह लंबे समय से नशे की दवाएं नेपाल बॉर्डर के माध्यम से युवाओं तक पहुंचाने का काम कर रहा था। कार्रवाई के बाद SSB और पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की प्रक्रिया के लिए भिट्ठा थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया है। नशाखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी अधिकारियों ने कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे का कारोबार चलाने वालों की अब पहचान कर निरंतर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इसे नशामुक्त समाज की दिशा में बड़ा कदम बताया है। NDPS एक्ट के तहत कड़ा दंड विशेषज्ञों के अनुसार, Codeine, Tramadol और अन्य साइकोट्रोपिक दवाएं, चिकित्सकीय उपयोग के लिए होती हैं, लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह इनके सेवन से मस्तिष्क, लिवर और नर्वस सिस्टम पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ते हैं। इनका अवैध भंडारण और व्यापार NDPS एक्ट के तहत गंभीर अपराध है, जिसमें लंबी जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। इस सफल संयुक्त अभियान ने एक बार फिर दिखा दिया है कि सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती इलाकों में नशे की तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार सक्रिय हैं। यदि चाहें तो मैं खबर में एक इनफो बॉक्स, NDPS एक्ट एक्सप्लेनेर, या अधिकारियों का कोट भी जोड़ सकता/सकती हूं। भारत–नेपाल सीमा से सटे भिट्ठामोड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नशीली दवाओं की तस्करी में शामिल एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। श्रीखंडी मिट्ठा गांव में मुखिया के नाम से कुख्यात विनय कुमार उर्फ विक्रम मुखिया(46) को भारी मात्रा में प्रतिबंधित मेडिकल साइकोट्रोपिक ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया है। गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, सशस्त्र सीमा बल (SSB) के समवाय कमांडर को सूचना मिली थी कि सीमावर्ती इलाके में बड़ी मात्रा में मनोसक्रिय दवाओं की अवैध बिक्री हो रही है।
इस पर मुख्य आरक्षी राजकुमार (SSB) और सहायक उप निरीक्षक नवीन कुमार साह (बिहार पुलिस) के नेतृत्व में संयुक्त गश्ती दल बनाया गया और छापेमारी की योजना तैयार की गई। निजी गुमटी से मिला नशीले कफ सिरप और टैबलेट्स का जखीरा टीम ने आरोपी की निजी गुमटी को घेरकर तलाशी ली। इस दौरान एक कार्टून में छिपाकर रखे गए प्रतिबंधित दवाओं के दर्जनों कार्टन बरामद किए गए। जब्त सामान में शामिल हैं Codeine Phosphate युक्त कफ सिरप की कई बोतलें, Triprolidine Hydrochloride मिश्रित दवाएं, Pyeenvon Spas Plus जैसी नशीली टैबलेट्स की भारी मात्रा। बरामदगी इतनी अधिक थी कि जांच दल ने मौके पर ही इसे “युवाओं की नशे की सप्लाई के लिए तैयार किया गया बड़ा स्टॉक” बताया। पूछताछ में खुद को बताया विक्रम मुखिया गिरफ्तार व्यक्ति ने पूछताछ में अपना नाम विनय कुमार उर्फ विक्रम मुखिया बताया। प्रारंभिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि वह लंबे समय से नशे की दवाएं नेपाल बॉर्डर के माध्यम से युवाओं तक पहुंचाने का काम कर रहा था। कार्रवाई के बाद SSB और पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की प्रक्रिया के लिए भिट्ठा थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया है। नशाखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी अधिकारियों ने कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे का कारोबार चलाने वालों की अब पहचान कर निरंतर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इसे नशामुक्त समाज की दिशा में बड़ा कदम बताया है। NDPS एक्ट के तहत कड़ा दंड विशेषज्ञों के अनुसार, Codeine, Tramadol और अन्य साइकोट्रोपिक दवाएं, चिकित्सकीय उपयोग के लिए होती हैं, लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह इनके सेवन से मस्तिष्क, लिवर और नर्वस सिस्टम पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ते हैं। इनका अवैध भंडारण और व्यापार NDPS एक्ट के तहत गंभीर अपराध है, जिसमें लंबी जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। इस सफल संयुक्त अभियान ने एक बार फिर दिखा दिया है कि सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती इलाकों में नशे की तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार सक्रिय हैं। यदि चाहें तो मैं खबर में एक इनफो बॉक्स, NDPS एक्ट एक्सप्लेनेर, या अधिकारियों का कोट भी जोड़ सकता/सकती हूं।  

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