परिजनों की नजर टीवी और इंटरनेट पर
युद्ध शुरू होने से ईरान में रह रहे मुजफ्फरपुर के दर्जनों लोग फंस गए हैं। हमले बढ़ने के कारण ईरान से आने वाली फ्लाइट रद्द होने से उनके परिजन तनाव में हैं। ईरान में रोजी- रोजगार व पढ़ाई के लिए गए अपनों की सलामती के लिए लोग दुआएं कर रहे हैं। मोबाइल पर संपर्क नहीं होने से लोग अब टीवी चैनलोंे व इंटरनेट के सहारे हैं। वहां पल-पल की खबर पर लोगों की नजर है। फंसे लोगों में दर्जनों मुजफ्फरपुर के हैं। हमले बढ़ने के कारण ईरान से आने वाली फ्लाइट रद्द होने से उनके परिजन तनाव में हैं। ईरान में रोजी- रोजगार व पढ़ाई के लिए गए अपनों की सलामती के लिए लोग दुआएं कर रहे हैं। मोबाइल पर संपर्क नहीं होने से लोग अब टीवी चैनलोंे व इंटरनेट के सहारे हैं। वहां पल-पल की खबर पर लोगों की नजर है। बैरिया के कोल्हुआ पैगंबरपुर निवासी सैयद मुबारक अली काजमी अपने दोनों भाइयों की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं। उनके भाई सैयद रूहुल्ला काजिमी व सैयद वकार काजिमी ईरान के कुम शहर में रहते हैं। दोनों वहां अल मुस्तफा अंतरराष्ट्रीय विवि से पी-एचडी कर रहे हैं। दोनों रमजान में लौटने वाले थे, लेकिन अचानक अमेरिका-इजराइल हमले के बाद घर लौटने का प्लान रद्द करना पड़ा। अब दोनों ईद में आने की तैयारी कर रहे हैं। दोनों फिलहाल बाहर नहीं निकल रहे हैं। इस खबर को सुनकर सैयद मुबारक अली काजिमी व उनके परिजन बेहद तनाव में हैं। बता दें कि रोजगार की तलाश में बिहार से बड़ी संख्या में श्रमिक खाड़ी देशों में रह रहे है। नए इमीग्रेशन क्लीयरेंस के आधार पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, करीब 76 हजार से अधिक बिहारी कामगारों ने विदेश में नौकरी कर रहे है। सबसे अधिक कामगार संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब गए। ईरान के अली मदिनी में भी हैं मुजफ्फरपुर के लोग कमरा मोहल्ला के मौलाना नदीम ईरान में रह रहे अपने परिचितों को लेकर चिंतित हैं। वह बताते हैं कि उड़ान व ट्रैफिक बंद होने से लोगों को एक- जगह से दूसरे जगह जाने में परेशानी हो रही है। मुजफ्फरपुर के कई लोग ईरान के अली मदिनी में रह रहे हैं। बताते है कि वहां के हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। लगातार अटैक होने से हम चिंतित हैं। ईरान में अमन की दुआ कर रहे हैं। परिजनों की नजर टीवी और इंटरनेट पर
युद्ध शुरू होने से ईरान में रह रहे मुजफ्फरपुर के दर्जनों लोग फंस गए हैं। हमले बढ़ने के कारण ईरान से आने वाली फ्लाइट रद्द होने से उनके परिजन तनाव में हैं। ईरान में रोजी- रोजगार व पढ़ाई के लिए गए अपनों की सलामती के लिए लोग दुआएं कर रहे हैं। मोबाइल पर संपर्क नहीं होने से लोग अब टीवी चैनलोंे व इंटरनेट के सहारे हैं। वहां पल-पल की खबर पर लोगों की नजर है। फंसे लोगों में दर्जनों मुजफ्फरपुर के हैं। हमले बढ़ने के कारण ईरान से आने वाली फ्लाइट रद्द होने से उनके परिजन तनाव में हैं। ईरान में रोजी- रोजगार व पढ़ाई के लिए गए अपनों की सलामती के लिए लोग दुआएं कर रहे हैं। मोबाइल पर संपर्क नहीं होने से लोग अब टीवी चैनलोंे व इंटरनेट के सहारे हैं। वहां पल-पल की खबर पर लोगों की नजर है। बैरिया के कोल्हुआ पैगंबरपुर निवासी सैयद मुबारक अली काजमी अपने दोनों भाइयों की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं। उनके भाई सैयद रूहुल्ला काजिमी व सैयद वकार काजिमी ईरान के कुम शहर में रहते हैं। दोनों वहां अल मुस्तफा अंतरराष्ट्रीय विवि से पी-एचडी कर रहे हैं। दोनों रमजान में लौटने वाले थे, लेकिन अचानक अमेरिका-इजराइल हमले के बाद घर लौटने का प्लान रद्द करना पड़ा। अब दोनों ईद में आने की तैयारी कर रहे हैं। दोनों फिलहाल बाहर नहीं निकल रहे हैं। इस खबर को सुनकर सैयद मुबारक अली काजिमी व उनके परिजन बेहद तनाव में हैं। बता दें कि रोजगार की तलाश में बिहार से बड़ी संख्या में श्रमिक खाड़ी देशों में रह रहे है। नए इमीग्रेशन क्लीयरेंस के आधार पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, करीब 76 हजार से अधिक बिहारी कामगारों ने विदेश में नौकरी कर रहे है। सबसे अधिक कामगार संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब गए। ईरान के अली मदिनी में भी हैं मुजफ्फरपुर के लोग कमरा मोहल्ला के मौलाना नदीम ईरान में रह रहे अपने परिचितों को लेकर चिंतित हैं। वह बताते हैं कि उड़ान व ट्रैफिक बंद होने से लोगों को एक- जगह से दूसरे जगह जाने में परेशानी हो रही है। मुजफ्फरपुर के कई लोग ईरान के अली मदिनी में रह रहे हैं। बताते है कि वहां के हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। लगातार अटैक होने से हम चिंतित हैं। ईरान में अमन की दुआ कर रहे हैं।


