स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता पर दिया गया जोर

स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता पर दिया गया जोर

भास्कर न्यूज|लोहरदगा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) चीरी, लोहरदगा में जिले के प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए दो दिवसीय गैर-आवासीय टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री) निर्माण कार्यशाला एवं प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डायट प्राचार्य-सह-जिला शिक्षा अधीक्षक अभिजीत कुमार के मार्गदर्शन में तथा झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) की वार्षिक कार्य योजना के अनुरूप संपन्न हुआ। कार्यशाला का उद्घाटन प्रभारी प्राचार्य अमृता सिन्हा, संकाय सदस्यों एवं प्रशिक्षणार्थियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। अपने संबोधन में सिन्हा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप टीएलएम की महत्ता, उपयोगिता एवं नवाचार पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों को टीएलएम के बदलते स्वरूप की जानकारी होना आवश्यक है। मातृभाषा को प्राथमिकता देते हुए स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया। कार्यक्रम में प्रतिभागी शिक्षकों को दस समूहों में विभाजित कर गणित, भाषा एवं पर्यावरण विज्ञान विषयों पर टीएलएम का निर्माण कराया गया। निर्मित सामग्रियों का मूल्यांकन डायट द्वारा गठित निर्णायक मंडली ने किया। जेसीईआरटी, रांची द्वारा जारी एसओपी के अनुरूप प्रतिभागियों के साथ एनईपी 2020 में टीएलएम की प्रभावशीलता, सृजनात्मकता, लो-कॉस्ट एवं नो-कॉस्ट सामग्री निर्माण, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए समावेशी टीएलएम तैयार करने तथा विद्यालय स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कार्ययोजना तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रथम दस प्रतिभागियों को पुष्प देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन के रूप में टाटा स्टील फाउंडेशन (टाटा सिन्नी ट्रस्ट) के तरुण कुमार, सबन टोपनो, उदित कुमार, प्रेमलता पूर्ति, आरती कुमारी, राहुल कुमार एवं सुष्मिता धान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में डायट के संकाय सदस्यों अमृता सिन्हा, रविशंकर कुमार, श्याम बिहारी महतो, विजय बैठा, महबूब आलम, ललिता कुमारी, रनिश कुमार, मंजू कुमारी, रोमा मिंज, वरुण कुमार एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। भास्कर न्यूज|लोहरदगा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) चीरी, लोहरदगा में जिले के प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए दो दिवसीय गैर-आवासीय टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री) निर्माण कार्यशाला एवं प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डायट प्राचार्य-सह-जिला शिक्षा अधीक्षक अभिजीत कुमार के मार्गदर्शन में तथा झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) की वार्षिक कार्य योजना के अनुरूप संपन्न हुआ। कार्यशाला का उद्घाटन प्रभारी प्राचार्य अमृता सिन्हा, संकाय सदस्यों एवं प्रशिक्षणार्थियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। अपने संबोधन में सिन्हा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप टीएलएम की महत्ता, उपयोगिता एवं नवाचार पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों को टीएलएम के बदलते स्वरूप की जानकारी होना आवश्यक है। मातृभाषा को प्राथमिकता देते हुए स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया। कार्यक्रम में प्रतिभागी शिक्षकों को दस समूहों में विभाजित कर गणित, भाषा एवं पर्यावरण विज्ञान विषयों पर टीएलएम का निर्माण कराया गया। निर्मित सामग्रियों का मूल्यांकन डायट द्वारा गठित निर्णायक मंडली ने किया। जेसीईआरटी, रांची द्वारा जारी एसओपी के अनुरूप प्रतिभागियों के साथ एनईपी 2020 में टीएलएम की प्रभावशीलता, सृजनात्मकता, लो-कॉस्ट एवं नो-कॉस्ट सामग्री निर्माण, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए समावेशी टीएलएम तैयार करने तथा विद्यालय स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कार्ययोजना तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रथम दस प्रतिभागियों को पुष्प देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन के रूप में टाटा स्टील फाउंडेशन (टाटा सिन्नी ट्रस्ट) के तरुण कुमार, सबन टोपनो, उदित कुमार, प्रेमलता पूर्ति, आरती कुमारी, राहुल कुमार एवं सुष्मिता धान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में डायट के संकाय सदस्यों अमृता सिन्हा, रविशंकर कुमार, श्याम बिहारी महतो, विजय बैठा, महबूब आलम, ललिता कुमारी, रनिश कुमार, मंजू कुमारी, रोमा मिंज, वरुण कुमार एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।  

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