हमें पता था कि आजकल बच्चा चोर का हल्ला है, हमने सोचा यही सही मौका है। उस दिन सुबह देखा कि वह अकेले खेल रही थी। गली में ज्यादा लोग नहीं थे, इसलिए किसी ने देखा भी नहीं। टॉफी दिलाने के बहाने उसे अपने साथ ले गए। सुनसान जगह पर ले जाकर रेप किया। बाद में डर लगा कि वह घर जाकर सब बता देगी। घबराहट में उसका गला दबा दिया। फिर शव स्कूल के पास छोड़ दिया और पैंट रास्ते में फेंक दी। बांका जिले के जिलेबिया मोड़ थाना क्षेत्र में पकड़े गए दोनों नाबालिगों ने पुलिस की पूछताछ में अपना जुर्म कबूल किया। दोनों की उम्र 14 और 15 साल है। पुलिस ने कहा कि आरोपी बच्ची को पहले से जानते थे और कई दिनों से प्लानिंग कर रहे थे। आरोपियों ने बच्ची को अकेले खेलते देख मौके का फायदा उठाया। वहीं, बच्ची की मां का कहना है कि आरोपी दोनों घर के पास ही रहते हैं। हमें पहले कभी शक नहीं हुआ कि ये लोग ऐसा करेंगे। दोनों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। बांका में दो साल की बच्ची की रेप कर हत्या करने वाले आरोपियों ने क्या-क्या बताया? घटना पर ग्रामीणों का क्या कहना है? मां ने क्या मांग की है? और पुलिस की पूरी कार्रवाई क्या हुई, पढ़िए रिपोर्ट.. पहले घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें… अब पूरा मामला 2 पॉइंट में समझिए… आरोपियों ने क्या-क्या बताया, पढ़िए… “हम लोग कई दिनों से उसे घर के बाहर खेलते हुए देखते थे। आजकल बच्चा चोरी का हल्ला भी फैला हुआ था। इसलिए हमने प्लान बनाया कि हम लोग उसे ले जाएंगे। हमारा घर उसके घर से करीब 20 फीट दूर है, इसलिए उसकी दिनचर्या पता रहती थी। उस दिन सुबह देखा कि वह अकेले खेल रही है। तभी हमने वारदात को अंजाम देने का फैसला किया। ग्रामीण बोले- घटना से लोगों का भरोसा हिल गया ग्रामीणों का कहना है कि दोनों आरोपी घर के आसपास ही रहते थे और रोजमर्रा की जिंदगी में भी सामान्य तरीके से दिखते थे। किसी को अंदेशा नहीं था कि वे इतनी जघन्य वारदात को अंजाम दे सकते हैं। गांव के एक बुजुर्ग ने कहा कि ऐसी घटना ने लोगों का भरोसा हिला दिया है। अब अभिभावक अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि आरोपी अब गांव में दोबारा नहीं दिखने चाहिए। लोगों की मांग है कि कानून ऐसी सजा दे, जो समाज के लिए नजीर बने, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे। बेटी वापस नहीं आ सकती, लेकिन आरोपियों को कड़ी सजा मिले पीड़िता की मां का कहना है कि उन्हें अब किसी पर भरोसा नहीं रहा। जिन घरों के बीच बच्ची खेलती थी, वहीं से ऐसा दर्द मिला जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी। प्रशासन से मेरी गुहार है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए, ताकि लंबी कानूनी प्रक्रिया के कारण न्याय में देरी न हो। मेरी बेटी वापस नहीं आ सकती, लेकिन दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। पुलिस की अब तक कार्रवाई क्या-क्या हुई पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए केस को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चार्जशीट जल्द ही अदालत में दाखिल की जाएगी। सभी कानूनी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले को गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा। हमें पता था कि आजकल बच्चा चोर का हल्ला है, हमने सोचा यही सही मौका है। उस दिन सुबह देखा कि वह अकेले खेल रही थी। गली में ज्यादा लोग नहीं थे, इसलिए किसी ने देखा भी नहीं। टॉफी दिलाने के बहाने उसे अपने साथ ले गए। सुनसान जगह पर ले जाकर रेप किया। बाद में डर लगा कि वह घर जाकर सब बता देगी। घबराहट में उसका गला दबा दिया। फिर शव स्कूल के पास छोड़ दिया और पैंट रास्ते में फेंक दी। बांका जिले के जिलेबिया मोड़ थाना क्षेत्र में पकड़े गए दोनों नाबालिगों ने पुलिस की पूछताछ में अपना जुर्म कबूल किया। दोनों की उम्र 14 और 15 साल है। पुलिस ने कहा कि आरोपी बच्ची को पहले से जानते थे और कई दिनों से प्लानिंग कर रहे थे। आरोपियों ने बच्ची को अकेले खेलते देख मौके का फायदा उठाया। वहीं, बच्ची की मां का कहना है कि आरोपी दोनों घर के पास ही रहते हैं। हमें पहले कभी शक नहीं हुआ कि ये लोग ऐसा करेंगे। दोनों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। बांका में दो साल की बच्ची की रेप कर हत्या करने वाले आरोपियों ने क्या-क्या बताया? घटना पर ग्रामीणों का क्या कहना है? मां ने क्या मांग की है? और पुलिस की पूरी कार्रवाई क्या हुई, पढ़िए रिपोर्ट.. पहले घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें… अब पूरा मामला 2 पॉइंट में समझिए… आरोपियों ने क्या-क्या बताया, पढ़िए… “हम लोग कई दिनों से उसे घर के बाहर खेलते हुए देखते थे। आजकल बच्चा चोरी का हल्ला भी फैला हुआ था। इसलिए हमने प्लान बनाया कि हम लोग उसे ले जाएंगे। हमारा घर उसके घर से करीब 20 फीट दूर है, इसलिए उसकी दिनचर्या पता रहती थी। उस दिन सुबह देखा कि वह अकेले खेल रही है। तभी हमने वारदात को अंजाम देने का फैसला किया। ग्रामीण बोले- घटना से लोगों का भरोसा हिल गया ग्रामीणों का कहना है कि दोनों आरोपी घर के आसपास ही रहते थे और रोजमर्रा की जिंदगी में भी सामान्य तरीके से दिखते थे। किसी को अंदेशा नहीं था कि वे इतनी जघन्य वारदात को अंजाम दे सकते हैं। गांव के एक बुजुर्ग ने कहा कि ऐसी घटना ने लोगों का भरोसा हिला दिया है। अब अभिभावक अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि आरोपी अब गांव में दोबारा नहीं दिखने चाहिए। लोगों की मांग है कि कानून ऐसी सजा दे, जो समाज के लिए नजीर बने, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे। बेटी वापस नहीं आ सकती, लेकिन आरोपियों को कड़ी सजा मिले पीड़िता की मां का कहना है कि उन्हें अब किसी पर भरोसा नहीं रहा। जिन घरों के बीच बच्ची खेलती थी, वहीं से ऐसा दर्द मिला जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी। प्रशासन से मेरी गुहार है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए, ताकि लंबी कानूनी प्रक्रिया के कारण न्याय में देरी न हो। मेरी बेटी वापस नहीं आ सकती, लेकिन दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। पुलिस की अब तक कार्रवाई क्या-क्या हुई पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए केस को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चार्जशीट जल्द ही अदालत में दाखिल की जाएगी। सभी कानूनी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले को गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा।


