समस्तीपुर में बच्चा चोरी की अफवाह में निर्दोष की पिटाई:एक सप्ताह में तीन मामले; एसपी बोले- कानून अपने हाथ में न लें, संदिग्ध दिखने पर पुलिस को सूचना दीजिए

समस्तीपुर में बच्चा चोरी की अफवाह में निर्दोष की पिटाई:एक सप्ताह में तीन मामले; एसपी बोले- कानून अपने हाथ में न लें, संदिग्ध दिखने पर पुलिस को सूचना दीजिए

समस्तीपुर में एक सप्ताह के अंदर बच्चा चोरी की अफवाह में तीन लोगों की पिटाई का मामला सामने आया है। जांच के दौरान तीनों मानसिक रूप से बीमार पाए गए। इस संबंध में एसपी अरविंद्र प्रतात सिंह ने संदेश जारी करते हुए लोगों से कानून अपने हाथ में नहीं लेने की अपील की है। एसपी ने बताया है कि इन दिनों बच्चा चोर के शक पर निर्दोष पीटे जा रहे हैं, जो गलत हैं। हम सभी को सामाजिक दायित्व का निर्वहन करना चाहिए। कहीं से भी कोई संदिग्ध बच्चा चोर दिखे तो तुरंत संबंधित थाने को सूचना दें। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। पहला मामला शनिवार रात(21 फरवरी 2026) मुफस्सिल थाना क्षेत्र के केवश निजामत गांव के पास बच्चा चोर के शक में ग्रामीणों ने एक बुजुर्ग महिला की पिटाई कर दी। हालांकि गांव के ही कुछ लोगों ने मामला शांत कराया। महिला को एक कमरे में बदं कर दिया। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस को हवाले कर दिया। जांच में ये स्पष्ट हुआ कि महिला मानसिक रूप से बीमार थी। विभूतिपुर के नरहन गांव की रहने वाली हैं। युवक से लिफ्ट मांगी थी महिला ने बताया कि विभूतिपुर के नरहन गांव की रहने वाली हूं। सवारी गाड़ी नहीं मिलने के कारण पैदल समस्तीपुर जा रही थी। रास्ते में एक युवक से लिफ्ट मांगकर उसकी बाइक पर बैठ गई। उसके पास एक बच्चा भी था। लख्खी चौक के पास जब पहुंची तो युवक का व्यवहार सही नहीं लगा। मैं वहीं पर उतर गई। पैदल जाने लगी। कुछ दूर आगे बढ़ने पर वो बच्चा चोर बोलकर चिल्लाने लगा। डर से मैं भागने लगी। इस बीच कुछ ग्रामीणों ने उसे घेर लिया। बिना कुछ पूछे मारपीट करने लगे। हालांकि गांव के कुछ लोगों ने हस्तक्षेप से मेरी जान बची। मारपीट होने पर युवक मौके से फरार हो गया। मैं गुहार लगाती रही, किसी ने मेरी नहीं सुनी। दूसरा मामला गुरुवार रात(26 फरवरी 2026) बंगरा थाने के मुर्गियाचक गांव में बच्चा चोर होने के शक पर लोगों ने एक युवक को पकड़ लिया। इसके बाद उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो उसकी जान बची। युवक मुसरीघरारी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस मौके पर पहुंची तो ग्रामीण बहस करने लगे। पुलिस ने लोगों को काफी समझाने का प्रयास किया। भीड़ के बीच फंसे युवक को किसी तरह निकाला और गाड़ी में बैठाया। पुलिस का कहना है कि है युवक मानसिक रूप से बीमार है। तीसरा मामला कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के आधारपुर गांव के पास शुक्रवार(27 फरवरी) को एक बुजुर्ग महिला को लोगों ने बच्चा चोर बताकर पिटाई कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि दो महिलाएं और एक पुरुष सरकारी स्कूल के पास पेड़ के नीचे बैठे थे। स्कूल से बाहर निकले बच्चों को इशारा कर बुला रहे थे। बच्चों की ओर से शोर मचाने पर एक महिला और पुरुष मौके से फरार हो गए। हालांकि, ग्रामीणों ने एक महिला को घेर लिया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिला को गांव से सड़क तक ले आए और हंगामा करने लगे। एक मंदिर के पास महिला को बैठाकर कर्पूरी ग्राम थाने की पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। ग्रामीणों की गिरफ्त में आई महिला गूंगी थी और कुछ भी बता नहीं पा रही थी। समस्तीपुर में एक सप्ताह के अंदर बच्चा चोरी की अफवाह में तीन लोगों की पिटाई का मामला सामने आया है। जांच के दौरान तीनों मानसिक रूप से बीमार पाए गए। इस संबंध में एसपी अरविंद्र प्रतात सिंह ने संदेश जारी करते हुए लोगों से कानून अपने हाथ में नहीं लेने की अपील की है। एसपी ने बताया है कि इन दिनों बच्चा चोर के शक पर निर्दोष पीटे जा रहे हैं, जो गलत हैं। हम सभी को सामाजिक दायित्व का निर्वहन करना चाहिए। कहीं से भी कोई संदिग्ध बच्चा चोर दिखे तो तुरंत संबंधित थाने को सूचना दें। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। पहला मामला शनिवार रात(21 फरवरी 2026) मुफस्सिल थाना क्षेत्र के केवश निजामत गांव के पास बच्चा चोर के शक में ग्रामीणों ने एक बुजुर्ग महिला की पिटाई कर दी। हालांकि गांव के ही कुछ लोगों ने मामला शांत कराया। महिला को एक कमरे में बदं कर दिया। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस को हवाले कर दिया। जांच में ये स्पष्ट हुआ कि महिला मानसिक रूप से बीमार थी। विभूतिपुर के नरहन गांव की रहने वाली हैं। युवक से लिफ्ट मांगी थी महिला ने बताया कि विभूतिपुर के नरहन गांव की रहने वाली हूं। सवारी गाड़ी नहीं मिलने के कारण पैदल समस्तीपुर जा रही थी। रास्ते में एक युवक से लिफ्ट मांगकर उसकी बाइक पर बैठ गई। उसके पास एक बच्चा भी था। लख्खी चौक के पास जब पहुंची तो युवक का व्यवहार सही नहीं लगा। मैं वहीं पर उतर गई। पैदल जाने लगी। कुछ दूर आगे बढ़ने पर वो बच्चा चोर बोलकर चिल्लाने लगा। डर से मैं भागने लगी। इस बीच कुछ ग्रामीणों ने उसे घेर लिया। बिना कुछ पूछे मारपीट करने लगे। हालांकि गांव के कुछ लोगों ने हस्तक्षेप से मेरी जान बची। मारपीट होने पर युवक मौके से फरार हो गया। मैं गुहार लगाती रही, किसी ने मेरी नहीं सुनी। दूसरा मामला गुरुवार रात(26 फरवरी 2026) बंगरा थाने के मुर्गियाचक गांव में बच्चा चोर होने के शक पर लोगों ने एक युवक को पकड़ लिया। इसके बाद उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो उसकी जान बची। युवक मुसरीघरारी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस मौके पर पहुंची तो ग्रामीण बहस करने लगे। पुलिस ने लोगों को काफी समझाने का प्रयास किया। भीड़ के बीच फंसे युवक को किसी तरह निकाला और गाड़ी में बैठाया। पुलिस का कहना है कि है युवक मानसिक रूप से बीमार है। तीसरा मामला कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के आधारपुर गांव के पास शुक्रवार(27 फरवरी) को एक बुजुर्ग महिला को लोगों ने बच्चा चोर बताकर पिटाई कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि दो महिलाएं और एक पुरुष सरकारी स्कूल के पास पेड़ के नीचे बैठे थे। स्कूल से बाहर निकले बच्चों को इशारा कर बुला रहे थे। बच्चों की ओर से शोर मचाने पर एक महिला और पुरुष मौके से फरार हो गए। हालांकि, ग्रामीणों ने एक महिला को घेर लिया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिला को गांव से सड़क तक ले आए और हंगामा करने लगे। एक मंदिर के पास महिला को बैठाकर कर्पूरी ग्राम थाने की पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। ग्रामीणों की गिरफ्त में आई महिला गूंगी थी और कुछ भी बता नहीं पा रही थी।  

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