ग्रामीण-आदिवासी पृष्ठभूमि की चार छात्राओं ने विज्ञान में बनाया कीर्तिमान

ग्रामीण-आदिवासी पृष्ठभूमि की चार छात्राओं ने विज्ञान में बनाया कीर्तिमान

-सरकार ने किया सम्मान

कर्नाटक सरकार Karnataka Government के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस National Science Day के अवसर पर वुमेन इन साइंस कैटालाइजिंग विकसित भारत थीम के तहत कर्नाटक के ग्रामीण और आदिवासी वंचित समुदायों से आने वाली चार हाई स्कूल छात्राओं को उनके उत्कृष्ट वैज्ञानिक शोध के लिए सम्मानित किया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध में भागीदारी

पहली बार ग्रामीण और आदिवासी पृष्ठभूमि की हाई स्कूल छात्राओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध में भागीदारी कर उल्लेखनीय योगदान दिया है। इन छात्राओं ने नैनोविज्ञान की मूलभूत समझ से लेकर स्वतंत्र रूप से नैनोपार्टिकल्स का संश्लेषण, विश्लेषण और वरिष्ठ वैज्ञानिकों के समक्ष शोध प्रस्तुति तक की यात्रा तय की है।

घरेलू कामगार, दिहाड़ी मजदूर, सेल्समैन और गृहिणी

सम्मानित छात्राओं में 11वीं की रेश्मा जे. वी. (होसाहल्ली, एच. डी. कोटे), 10वीं की लक्ष्मी जी. (कग्गलीपुर), 11वीं की किरात कौर (बीदर) और 11वीं की एस. यामिनी (होसाडोड्डी) शामिल हैं। साधारण परिवारों से आने वाली इन छात्राओं के माता-पिता घरेलू कामगार, दिहाड़ी मजदूर, सेल्समैन और गृहिणी हैं। कई छात्राएं अपने परिवार में पहली पीढ़ी की शिक्षार्थी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद इन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध में अपनी पहचान बनाई है।

प्रयोगशाला में शुरुआती अनुभव चुनौतीपूर्ण था

छात्रा रेश्मा ने कहा कि एक प्रथम पीढ़ी की शिक्षार्थी होने के नाते प्रयोगशाला में शुरुआती अनुभव चुनौतीपूर्ण था, लेकिन मार्गदर्शकों के सहयोग से आत्मविश्वास बढ़ा और आज यह सम्मान उनके लिए गर्व का क्षण है।

समारोह में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री एन. एस. बोसराजू, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. एम. सी. सुधाकर, ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज, आइटी-बीटी मंत्री प्रियांक खरगे, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के पूर्व अध्यक्ष ए. एस. किरण कुमार उपस्थित रहे।

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