मैनपुरी के भोगांव थाना क्षेत्र के ग्राम तिगवों में खेत के रास्ते और आलू की फसल को लेकर हुए पारिवारिक विवाद में एक महिला पर हमला किया गया। पीड़िता पुष्पा देवी ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर मारपीट का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हमले में उनका सिर फट गया और गर्दन की हंसली टूट गई। महिला ने पुलिस पर भी मुकदमा दर्ज न करने और मेडिकल परीक्षण न कराने का आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार, यह घटना 25 फरवरी की सुबह करीब 8 बजे हुई, जब वह अपने घर के दरवाजे पर बैठी थीं। आरोपियों ने उन्हें पकड़कर जमीन पर गिरा दिया और लात-घूंसे, थप्पड़, लोहे की रॉड तथा ईंटों से उन पर हमला किया। आलू की फसल को जबरन खुदवाया पुष्पा देवी ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके जेठ इनाम सिंह और उनके बेटों ने चकरोड किनारे खेत पर कब्जा कर लिया है। खेत में आने-जाने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि 24 फरवरी को खड़ी आलू की फसल को भी जबरन खुदवाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली से निकाल लिया गया था। इस हमले में पुष्पा देवी का सिर फट गया, गर्दन की हंसली टूट गई और कमर व शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने आए उनके पति जनवेद सिंह को भी बुरी तरह पीटा गया। पीड़िता का दावा है कि घटना का वीडियो उनके मोबाइल फोन में मौजूद है। पीड़िता का सबसे गंभीर आरोप यह है कि जब परिजन रिपोर्ट दर्ज कराने भोगांव थाने पहुंचे, तो पुलिस ने न तो मुकदमा दर्ज किया और न ही उनका मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बजाय, महिला के बेटे अनुज कुमार को सुबह से शाम तक थाने में बैठाए रखा गया। पुष्पा देवी ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उनका मेडिकल परीक्षण कराया जाए और आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। इस संबंध में भोगांव थाना प्रभारी प्रदीप पांडेय ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। पुलिस दोनों पक्षों से घटना की जानकारी ले रही है और दोषियों के खिलाफ निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुष्टि की कि मामले की जांच जारी है।


