गयाजी के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसफ के जवान की हरियाणा पुलिस की कस्टडी में मौत हो गई। मृतका की पत्नी और बेटे का आरोप है कि पुलिस ने सीआईएसफ जवान मुकेश सिंह की पीट-पीट कर हत्या की है। परिजनों का यह भी आरोप है कि बगैर अरेस्ट वारेंट के ही हरियाणा पुलिस मुकेश सिंह (56) को गिरफ्तार किया और फिर उन्हें मार दिया। मेडिकल थानाध्यक्ष कृष्ण सिंह का कहना है कि सीआईएसफ के जवान की मौत हार्ट अटैक से हुई है। उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस ने फ्रॉड के केस के आरोपी मुकेश सिंह की नियम से गिरफ्तारी की है। लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि क्या यह कस्टोडियल डेथ नहीं है। इस पर वह कहने लगे कि हार्ट अटैक की वजह से ही घटना हुई है। लेकिन उन्होंने कस्टोडियल डेथ के सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया। हरियाणा पुलिस उठा कर जबरन ले गई मृतक सीआईएसएफ जवान की पत्नी रीमा देवी ने बताया कि कल वह एयरपोर्ट ड्यूटी पर गए हुए थे, उनकी ड्यूटी गार्डन में लगी हुई थी। उन्होंने फोन करके रात में बताया भी था कि मेरी ड्यूटी गार्ड में लगी है। इसी के बाद उन्हें हरियाणा पुलिस उठा कर जबरन अपने साथ लेकर चली गई। इस बात की सूचना हमें नहीं दी गई थी। मेरे पति ने सुबह ही कहा कि मैं जिंदा बचूंगा या नहीं पता नहीं है। आधी रात को फोन पर बताया गया कि सीआईएसएफ जवान मुकेश सिंह की मौत हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति को हरियाणा पुलिस नेमौत के घाट उतार दिया है। मृतक के बेटे दुर्गेश सिंह ने बताया कि उनके पिता को किसी प्रकार की कोई बीमारी नहीं थी। अचानक हार्ट अटैक कैसे आ सकता हैं। हरियाणा पुलिस अपने बचाव में यह सब कहानी गढ़ रही है। बिना अरेस्ट वारंट के ही पुलिस पिता को ले गई थी। मृतक के भाई सज्जल कुमार सिंह ने बताया कि मैंने सुबह में ही मगध मेडिकल थाना पुलिस को आवेदन दिया है। लेकिन, कोई केस दर्ज नहीं कर रहा है। फिलहाल हरियाणा पुलिस के जवान और अधिकारी मगध मेडिकल थाना में बैठे हैं। हालांकि उनसे मीडिया को दूरी बना रखा है। डीएसपी टाउन 2 धर्मेंद्र भारती भी घटना की सूचना पर मगध मेडिकल थाना पहुंच चुके हैं। वह मामले की जानकारी और पूछताछ में जुटे हुए है। सीआईएसएफ के अधिकारी ने बयान देने से किया इनकार सीआईएसएफ के जवान भी मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंच चुके हैं। हालांकि सीआईएसएफ के कोई भी अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से दूरी बनाए हुए हैं। मेडिकल थाना के इंस्पेक्टर कृष्ण सिंह ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने सीआईएसएफ के वरीय अधिकारियों से मिलकर वारंट की विधिवत जानकारी दी। उसके बाद उनसे आरोपी के सौंपने की बात कही थी। जिसके बाद उन्हें आरोपी सुपुर्द कर दिया गया था। इंस्पेक्टर कृष्ण सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यदि पीड़ित पक्ष आवेदन देते हैं, तो उस पर आगे की ठोस कार्रवाई भी की जाएगी। मृतक के बेटे दुर्गेश ने बताया कि हरियाणा के बहादुरगढ़ में सालों पहले उनके पिताजी के खिलाफ फ्रॉड का केस दर्ज किया गया था, उसे मामले में दर्जनों बार पिताजी हरियाणा पुलिस के सामने पेश हुए, लेकिन उन्हें कोई न्याय नहीं मिला। हरियाणा पुलिस बार-बार गुमराह करती रही, जिसकी वजह से उन्हें न्याय की जगह पर मौत मिल गई। उन्होंने बताया कि वह मूल रूप से वैशाली के मुकुंदपुर के रहने वाले हैं। गयाजी के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसफ के जवान की हरियाणा पुलिस की कस्टडी में मौत हो गई। मृतका की पत्नी और बेटे का आरोप है कि पुलिस ने सीआईएसफ जवान मुकेश सिंह की पीट-पीट कर हत्या की है। परिजनों का यह भी आरोप है कि बगैर अरेस्ट वारेंट के ही हरियाणा पुलिस मुकेश सिंह (56) को गिरफ्तार किया और फिर उन्हें मार दिया। मेडिकल थानाध्यक्ष कृष्ण सिंह का कहना है कि सीआईएसफ के जवान की मौत हार्ट अटैक से हुई है। उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस ने फ्रॉड के केस के आरोपी मुकेश सिंह की नियम से गिरफ्तारी की है। लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि क्या यह कस्टोडियल डेथ नहीं है। इस पर वह कहने लगे कि हार्ट अटैक की वजह से ही घटना हुई है। लेकिन उन्होंने कस्टोडियल डेथ के सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया। हरियाणा पुलिस उठा कर जबरन ले गई मृतक सीआईएसएफ जवान की पत्नी रीमा देवी ने बताया कि कल वह एयरपोर्ट ड्यूटी पर गए हुए थे, उनकी ड्यूटी गार्डन में लगी हुई थी। उन्होंने फोन करके रात में बताया भी था कि मेरी ड्यूटी गार्ड में लगी है। इसी के बाद उन्हें हरियाणा पुलिस उठा कर जबरन अपने साथ लेकर चली गई। इस बात की सूचना हमें नहीं दी गई थी। मेरे पति ने सुबह ही कहा कि मैं जिंदा बचूंगा या नहीं पता नहीं है। आधी रात को फोन पर बताया गया कि सीआईएसएफ जवान मुकेश सिंह की मौत हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति को हरियाणा पुलिस नेमौत के घाट उतार दिया है। मृतक के बेटे दुर्गेश सिंह ने बताया कि उनके पिता को किसी प्रकार की कोई बीमारी नहीं थी। अचानक हार्ट अटैक कैसे आ सकता हैं। हरियाणा पुलिस अपने बचाव में यह सब कहानी गढ़ रही है। बिना अरेस्ट वारंट के ही पुलिस पिता को ले गई थी। मृतक के भाई सज्जल कुमार सिंह ने बताया कि मैंने सुबह में ही मगध मेडिकल थाना पुलिस को आवेदन दिया है। लेकिन, कोई केस दर्ज नहीं कर रहा है। फिलहाल हरियाणा पुलिस के जवान और अधिकारी मगध मेडिकल थाना में बैठे हैं। हालांकि उनसे मीडिया को दूरी बना रखा है। डीएसपी टाउन 2 धर्मेंद्र भारती भी घटना की सूचना पर मगध मेडिकल थाना पहुंच चुके हैं। वह मामले की जानकारी और पूछताछ में जुटे हुए है। सीआईएसएफ के अधिकारी ने बयान देने से किया इनकार सीआईएसएफ के जवान भी मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंच चुके हैं। हालांकि सीआईएसएफ के कोई भी अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से दूरी बनाए हुए हैं। मेडिकल थाना के इंस्पेक्टर कृष्ण सिंह ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने सीआईएसएफ के वरीय अधिकारियों से मिलकर वारंट की विधिवत जानकारी दी। उसके बाद उनसे आरोपी के सौंपने की बात कही थी। जिसके बाद उन्हें आरोपी सुपुर्द कर दिया गया था। इंस्पेक्टर कृष्ण सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यदि पीड़ित पक्ष आवेदन देते हैं, तो उस पर आगे की ठोस कार्रवाई भी की जाएगी। मृतक के बेटे दुर्गेश ने बताया कि हरियाणा के बहादुरगढ़ में सालों पहले उनके पिताजी के खिलाफ फ्रॉड का केस दर्ज किया गया था, उसे मामले में दर्जनों बार पिताजी हरियाणा पुलिस के सामने पेश हुए, लेकिन उन्हें कोई न्याय नहीं मिला। हरियाणा पुलिस बार-बार गुमराह करती रही, जिसकी वजह से उन्हें न्याय की जगह पर मौत मिल गई। उन्होंने बताया कि वह मूल रूप से वैशाली के मुकुंदपुर के रहने वाले हैं।


