Dia Mirza On AI: बॉलीवुड की फेमस अभिनेत्री और संयुक्त राष्ट्र की पर्यावरण सद्भावना की ब्रांड एंबेसडर दीया मिर्जा अपनी बेबाक राय के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम के सिलसिले में दीया दिल्ली पहुंचीं थी। जहां उन्होंने पर्यावरण के गिरते स्तर पर चिंता जताई और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते खतरों के लिए भी देश को आगाह किया। 44 साल की दीया का मानना है कि AI एक पूरी जनरेशन की सोच को बर्बाद कर रहा है।
दीया मिर्जा ने AI को लेकर जताई चिंता (Dia Mirza On Artificial intelligence)
दीया मिर्जा ने नवभारत टाइम्स से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने AI और पर्यावरण के बीच के एक ऐसे गहरे संबंध के बारे में बताया जिसे सुनकर लोग भी हैरान रह गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जहां एक तरफ हम टेक्नोलॉजी के हब बनाने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यह भूल रहे हैं कि इन बड़े AI सर्वर्स को ठंडा रखने के लिए भारी मात्रा में पानी की जरूरत होती है। दीया ने कहा, “हमारा देश पहले ही पानी की किल्लत से जूझ रहा है। ऐसे में AI के बड़े-बड़े डेटा सेंटर्स और सर्वर्स के लिए इतना पानी कहां से आएगा? अगर हम अपनी अगली पीढ़ी को साफ पानी और हवा नहीं दे सकते, तो हमें ऐसी तकनीक की तरफ कदम नहीं बढ़ाना चाहिए।

दिमाग पर पड़ता है गहरा असर (What Impact of Artificial intelligence in whole generation)
बच्चों और युवाओं के बीच AI के बढ़ते इस्तेमाल पर दीया ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि AI बच्चों के सोचने की क्षमता को छीन सकता है। आज के बच्चे हर सवाल का जवाब एक सेकंड में AI से पा लेते हैं, जिससे उनकी खुद की क्रिएटिविटी खत्म हो रही है। दीया के मुताबिक, अगर हम खुद के दिमाग से कुछ नहीं सीखेंगे, तो यह पीढ़ी मानसिक रूप से दूसरों पर निर्भर हो जाएगी।

जब अपनी ही फोटो देखकर डर गईं दीया
AI के दुरुपयोग और प्राइवेसी पर बात करते हुए दीया ने अपनी एक निजी घटना शेयर की। उन्होंने बताया, “हाल ही में किसी ने मुझे मेरी कुछ ऐसी तस्वीरें भेजीं, जो मैंने कभी क्लिक ही नहीं करवाई थीं। AI के जरिए मेरा चेहरा किसी और की बॉडी पर लगा दिया गया था। वह देखकर मेरे दिल में दहशत पैदा हो गई। यह बेहद खतरनाक है कि कैसे AI हमारी आवाज, शक्ल और पूरी पहचान को चुरा सकता है।” उन्होंने सरकार से मांग की कि प्राइवेसी को सुरक्षित करने के लिए जल्द ही कड़े कानून बनाए जाने चाहिए।
घर से ही शुरू किया बदलाव
दीया ने बताया कि वह केवल मंचों पर भाषण नहीं देती, बल्कि अपने निजी जीवन में भी पर्यावरण संरक्षण को जीती हैं। उनका 5 साल का बेटा अव्यान अभी से जानता है कि सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल क्यों नहीं करना चाहिए। दीया कहती हैं कि उन्होंने अपने बच्चों को सिखाया नहीं, बल्कि ‘करके दिखाया’ है।


