रामानुजनगर। सूरजुपर जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत निवासी स्कूटी सवार शिक्षिका व उसके 6 वर्षीय पुत्र को गुरुवार की सुबह तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। हादसे (Teacher died in road accident) में शिक्षिका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया है। मृत शिक्षिका संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय अंबिकापुर के कुलसचिव की पुत्री थीं। सूचना मिलते ही वे और कुलपति अस्पताल पहुंचे। हादसे में शिक्षिका की मौत से परिजनों व स्कूल में शोक की लहर है।
रामानुजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम भुवनेश्वरपुर स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पदस्थ शिक्षिका शिखा त्रिपाठी पति केदारपाल 33 वर्ष गुरुवार की सुबह करीब 7 बजे अपने 6 वर्षीय पुत्र के साथ स्कूटी (Teacher died in road accident) पर सवार होकर स्कूल जा रही थी।
वह ग्राम कौशलपुर स्थित मोड़ के पास पहुंची ही थी कि सूरजपुर की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रैक्टर क्रमांक यूपी 12 बीडब्ल्यू- 2352 ने टक्कर मार दी। टक्कर (Teacher died in road accident) इतनी जबरदस्त थी कि शिक्षिका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों द्वारा दोनों को रामानुजनगर अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने शिक्षिका को जहां मृत घोषित कर दिया, वहीं पुत्र की गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के लिए रेफर कर दिया।
ट्रैक्टर की रफ्तार देख रोक दी थी स्कूटी
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कैलाशपुर मोड़ पर जब शिक्षिका पहुंची तो सामने से आ रहे ट्रैक्टर की तेज रफ्तार देख उन्होंने अपनी स्कूटी रोक दी थी। इसके बावजूद ट्रैक्टर के चालक ने उन्हें टक्कर (Teacher died in road accident) मार दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रैक्टर जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय लोगों ने घटनास्थल के मोड़ पर संकेतक लगाने की मांग की है।

Teacher died in road accident: कुलसचिव पिता पहुंचे अस्पताल
इधर घटना की सूचना जैसे ही मृत शिक्षिका (Teacher died in road accident) के पिता कुलसचिव एसपी त्रिपाठी को मिली, वे अस्पताल पहुंच गए। वहीं कुलपति भी अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने कुलसचिव को ढांढ़स बंधाया। घटना में शिक्षिका की मौत से परिजन का जहां रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्कूल में जब यह सूचना मिली तो साथी शिक्षक-शिक्षिकाओं में हडक़ंप मच गया।


