शेखपुरा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को अरियरी प्रखंड सह अंचल कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने जनता से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस घेराव आंदोलन के कारण सरकारी कार्यालय के कामकाज में बाधा भी पहुंची। आंदोलनकारियों ने ब्लॉक सह अंचल कार्यालय के समक्ष एक सभा का भी आयोजन किया, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया। भाजपा के नेतृत्व में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर खतरा सभा को संबोधित करते हुए भाकपा राज्य सचिव मंडल सदस्य इरफान अहमद फातमी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के नेतृत्व में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और महिलाओं के हितों के खिलाफ काम कर रही है। फातमी ने कहा कि केंद्र सरकार अमेरिकी साम्राज्यवाद और पूंजीवादी शक्तियों से समझौते कर रही है, जिससे देश की संप्रभुता और आर्थिक सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और गलत नीतियों के कारण देश गंभीर संकट में है। फातमी ने जोर दिया कि देश का आम नागरिक भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है, ऐसे में सीपीआई पर जनता के हित में संघर्ष को तेज करने की बड़ी जिम्मेदारी है। ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सीपीआई के राज्य कार्यकारिणी सदस्य रौशन कुमार सिन्हा ने कहा कि देश में बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन केंद्र सरकार के पास बेरोजगार युवाओं के लिए कोई ठोस नीति नहीं है। सीपीआई के जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय ने जिले में जनकल्याणकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ‘हर घर नल योजना’ के तहत नल तो लगाए गए हैं, लेकिन आज भी कई घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इसके अलावा, राशन वितरण, वृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन तथा गरीबों के लिए पक्के मकान की योजनाओं में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हैं। उन्होंने कहा कि भूमिहीनों को 5 डिसमिल जमीन का पर्चा देने में सरकार पूरी तरह विफल रही है, वहीं बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए गरीबों के घर उजाड़े जा रहे हैं। दाखिल-खारिज, भूमि परिमार्जन और नामांतरण की प्रक्रियाओं में भी भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने अपने कामकाज में सुधार नहीं किया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। शेखपुरा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को अरियरी प्रखंड सह अंचल कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने जनता से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस घेराव आंदोलन के कारण सरकारी कार्यालय के कामकाज में बाधा भी पहुंची। आंदोलनकारियों ने ब्लॉक सह अंचल कार्यालय के समक्ष एक सभा का भी आयोजन किया, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया। भाजपा के नेतृत्व में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर खतरा सभा को संबोधित करते हुए भाकपा राज्य सचिव मंडल सदस्य इरफान अहमद फातमी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के नेतृत्व में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और महिलाओं के हितों के खिलाफ काम कर रही है। फातमी ने कहा कि केंद्र सरकार अमेरिकी साम्राज्यवाद और पूंजीवादी शक्तियों से समझौते कर रही है, जिससे देश की संप्रभुता और आर्थिक सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और गलत नीतियों के कारण देश गंभीर संकट में है। फातमी ने जोर दिया कि देश का आम नागरिक भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है, ऐसे में सीपीआई पर जनता के हित में संघर्ष को तेज करने की बड़ी जिम्मेदारी है। ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सीपीआई के राज्य कार्यकारिणी सदस्य रौशन कुमार सिन्हा ने कहा कि देश में बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन केंद्र सरकार के पास बेरोजगार युवाओं के लिए कोई ठोस नीति नहीं है। सीपीआई के जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय ने जिले में जनकल्याणकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ‘हर घर नल योजना’ के तहत नल तो लगाए गए हैं, लेकिन आज भी कई घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इसके अलावा, राशन वितरण, वृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन तथा गरीबों के लिए पक्के मकान की योजनाओं में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हैं। उन्होंने कहा कि भूमिहीनों को 5 डिसमिल जमीन का पर्चा देने में सरकार पूरी तरह विफल रही है, वहीं बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए गरीबों के घर उजाड़े जा रहे हैं। दाखिल-खारिज, भूमि परिमार्जन और नामांतरण की प्रक्रियाओं में भी भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने अपने कामकाज में सुधार नहीं किया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


