किशनगंज पुलिस ने बच्चा चोरी की अफवाहों पर कड़ी अपील जारी की है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सोशल मीडिया और मौखिक रूप से फैल रही इन अफवाहों के कारण निर्दोष लोगों पर हमले हो रहे हैं। पुलिस जांच में ज्यादातर मामले निराधार साबित हुए हैं। अफवाहों के चलते अपंग, भिखारी, राहगीर, अर्द्धविक्षिप्त या मंदबुद्धि व्यक्तियों को भीड़ द्वारा पकड़कर मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं। राज्य के अन्य हिस्सों में भी ऐसी हिंसा से गंभीर घायल होने के मामले दर्ज हुए हैं। किशनगंज पुलिस ने स्पष्ट किया कि बच्चा चोरी की अधिकांश सूचनाएं केवल अफवाहें हैं। संदेह के आधार पर निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे खतरनाक स्थिति उत्पन्न हो रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि ऐसी किसी भी सूचना पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें और न ही उसे व्हाट्सएप या अन्य माध्यमों से फैलाएं। मॉब लिंचिंग एक जघन्य अपराध
पुलिस ने जनता से कहा है कि बच्चा चोर पकड़े जाने या सक्रिय होने की कोई भी खबर मिलने पर उसकी पुष्टि किए बिना साझा न करें। यदि कहीं भीड़ द्वारा किसी व्यक्ति को अफवाह के आधार पर पकड़ा या पीटा जा रहा हो, तो शांत रहें, लोगों को समझाएं और तुरंत निकटवर्ती थाना या डायल 112 पर सूचना दें। क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, युवा और छात्र जागरूकता फैलाएं, अफवाहों का खंडन करें तथा संदिग्ध सूचना पुलिस नियंत्रण कक्ष (06456-222238) या डायल 112 को दें। स्थानीय मुखिया, सरपंच और जनप्रतिनिधि सुनिश्चित करें कि अफवाह के चलते किसी के साथ हिंसा न हो। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भीड़ द्वारा हिंसा या मॉब लिंचिंग एक जघन्य अपराध है। ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी की जाएगी। डायल 112 या नजदीकी थाने से संपर्क करें
किशनगंज पुलिस ने जनता से शांति, संयम और जागरूकता बनाए रखने की अपील की है। किसी आपात स्थिति में तुरंत डायल 112 या नजदीकी थाने से संपर्क करें। ये अफवाहें न केवल निर्दोषों की जान जोखिम में डाल रही हैं, बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी प्रभावित कर रही हैं। पुलिस ने सभी से सहयोग की उम्मीद जताई है ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। किशनगंज पुलिस ने बच्चा चोरी की अफवाहों पर कड़ी अपील जारी की है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सोशल मीडिया और मौखिक रूप से फैल रही इन अफवाहों के कारण निर्दोष लोगों पर हमले हो रहे हैं। पुलिस जांच में ज्यादातर मामले निराधार साबित हुए हैं। अफवाहों के चलते अपंग, भिखारी, राहगीर, अर्द्धविक्षिप्त या मंदबुद्धि व्यक्तियों को भीड़ द्वारा पकड़कर मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं। राज्य के अन्य हिस्सों में भी ऐसी हिंसा से गंभीर घायल होने के मामले दर्ज हुए हैं। किशनगंज पुलिस ने स्पष्ट किया कि बच्चा चोरी की अधिकांश सूचनाएं केवल अफवाहें हैं। संदेह के आधार पर निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे खतरनाक स्थिति उत्पन्न हो रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि ऐसी किसी भी सूचना पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें और न ही उसे व्हाट्सएप या अन्य माध्यमों से फैलाएं। मॉब लिंचिंग एक जघन्य अपराध
पुलिस ने जनता से कहा है कि बच्चा चोर पकड़े जाने या सक्रिय होने की कोई भी खबर मिलने पर उसकी पुष्टि किए बिना साझा न करें। यदि कहीं भीड़ द्वारा किसी व्यक्ति को अफवाह के आधार पर पकड़ा या पीटा जा रहा हो, तो शांत रहें, लोगों को समझाएं और तुरंत निकटवर्ती थाना या डायल 112 पर सूचना दें। क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, युवा और छात्र जागरूकता फैलाएं, अफवाहों का खंडन करें तथा संदिग्ध सूचना पुलिस नियंत्रण कक्ष (06456-222238) या डायल 112 को दें। स्थानीय मुखिया, सरपंच और जनप्रतिनिधि सुनिश्चित करें कि अफवाह के चलते किसी के साथ हिंसा न हो। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भीड़ द्वारा हिंसा या मॉब लिंचिंग एक जघन्य अपराध है। ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी की जाएगी। डायल 112 या नजदीकी थाने से संपर्क करें
किशनगंज पुलिस ने जनता से शांति, संयम और जागरूकता बनाए रखने की अपील की है। किसी आपात स्थिति में तुरंत डायल 112 या नजदीकी थाने से संपर्क करें। ये अफवाहें न केवल निर्दोषों की जान जोखिम में डाल रही हैं, बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी प्रभावित कर रही हैं। पुलिस ने सभी से सहयोग की उम्मीद जताई है ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।


