10.65 करोड़ यूको बैंक घोटाले में कोर्ट के आदेश:CBI की क्लोजर रिपोर्ट खारिज, दोबारा होगी जांच

10.65 करोड़ यूको बैंक घोटाले में कोर्ट के आदेश:CBI की क्लोजर रिपोर्ट खारिज, दोबारा होगी जांच

भोपाल की विशेष अदालत ने सीबीआई द्वारा दर्ज 10.65 करोड़ रुपए के यूको बैंक घोटाले मामले में अहम आदेश दिया है। विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) नीलम शुक्ला ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दी और दोबारा जांच का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि गिरवी रखे सामान का सही हिसाब और मूल्य तय किया जाए। इसके लिए स्टॉक रजिस्टर, वेयरहाउस रिकॉर्ड, निरीक्षण रिपोर्ट और उस समय की बाजार कीमतों को आधार बनाया जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जब सामान उपलब्ध था और उससे बैंक का बकाया वसूला जा सकता था, तो उसे बेचकर वसूली क्यों नहीं की गई। केस डायरी में गड़बड़ी दिखी है। रिकॉर्ड में बताया गया कि गोदाम में पर्याप्त माल मौजूद था और उसकी कीमत बकाया रकम से अधिक थी। अदालत ने सीबीआई को कहा कि बैंक को हुए नुकसान, माल की कमी और उपलब्ध स्टॉक के बीच विरोधाभास साफ किया जाए और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा की जाए। ये था मामला इस मामले में यूको बैंक के चीफ मैनेजर आरके सिन्हा और अन्य आरोपी श्रीनिवास शर्मा, राघवेंद्र शर्मा, अंजुला शर्मा और सरिता शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर एमएस देवी राम कोल्ड स्टोरेज में रखे गिरवी माल के आधार पर लिए गए लोन में गड़बड़ी और धोखाधड़ी की। बता दें कि कि गिरवी रखे गए माल में कमी या गबन के कारण बैंक को 10.65 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। कोर्ट ने सप्लीमेंट्री रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए कोर्ट ने कहा कि सीबीआई यह स्पष्ट करे कि बैंक द्वारा बताए नुकसान के मुकाबले गिरवी रखा माल कितना पर्याप्त था। जब कोल्ड स्टोरेज में माल था और बकाया रकम चुकाने पर्याप्त था, तो उसे बेचकर वसूली क्यों नहीं हुई। सीबीआई से कहा गया कि इन बिंदुओं पर दोबारा जांच कर सप्लीमेंट्री रिपोर्ट पेश करे।

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