अररिया में बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक सदर अस्पताल परिसर स्थित सिविल सर्जन कार्यालय कक्ष में दोपहर करीब 3 बजे आयोजित की गई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और संबंधित कर्मियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य 95:95:99 कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा करना था। इस कार्यक्रम के तहत लक्ष्य रखा गया है कि 95 प्रतिशत एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को अपनी स्थिति की जानकारी हो, 95 प्रतिशत ज्ञात संक्रमित व्यक्तियों को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) से जोड़ा जाए और एआरटी पर रहने वाले 99 प्रतिशत व्यक्तियों में वायरल लोड सप्रेशन हो। अधिकारियों ने कार्यक्रम के उद्देश्यों, लक्ष्यों और इसके प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने, जांच की संख्या में वृद्धि करने और संक्रमित मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। व्यक्तियों की पहचान कर एआरटी से जोड़ने पर दिया बल डीपीएम अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि यह बैठक बिहार के स्वास्थ्य विभाग के सचिव और बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति, पटना के परियोजना निदेशक के निर्देश पर आयोजित की गई थी। जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी ने एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें एआरटी से जोड़ने और जल्द उपचार शुरू करने पर बल दिया। साथ ही, सभी एआरटी से जुड़े व्यक्तियों के वायरल लोड सप्रेशन की जांच मार्गदर्शिका के अनुसार करने का निर्देश दिया गया। बैठक में राष्ट्रीय एड्स संगठन द्वारा निर्धारित 95:95:99 लक्ष्य की प्राप्ति पर भी चर्चा हुई। इसका एक प्रमुख उद्देश्य एचआईवी/एड्स से संक्रमित और प्रभावित लोगों के प्रति भेदभाव को दूर करना है। इसके लिए एचआईवी एड्स अधिनियम 2017 के संबंध में जानकारी को बढ़ावा देने और आम जनता के बीच एचआईवी/एड्स के बारे में व्यापक जागरूकता बढ़ाने की गतिविधियों को तेज करने का निर्णय लिया गया। अररिया में बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक सदर अस्पताल परिसर स्थित सिविल सर्जन कार्यालय कक्ष में दोपहर करीब 3 बजे आयोजित की गई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और संबंधित कर्मियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य 95:95:99 कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा करना था। इस कार्यक्रम के तहत लक्ष्य रखा गया है कि 95 प्रतिशत एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को अपनी स्थिति की जानकारी हो, 95 प्रतिशत ज्ञात संक्रमित व्यक्तियों को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) से जोड़ा जाए और एआरटी पर रहने वाले 99 प्रतिशत व्यक्तियों में वायरल लोड सप्रेशन हो। अधिकारियों ने कार्यक्रम के उद्देश्यों, लक्ष्यों और इसके प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने, जांच की संख्या में वृद्धि करने और संक्रमित मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। व्यक्तियों की पहचान कर एआरटी से जोड़ने पर दिया बल डीपीएम अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि यह बैठक बिहार के स्वास्थ्य विभाग के सचिव और बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति, पटना के परियोजना निदेशक के निर्देश पर आयोजित की गई थी। जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी ने एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें एआरटी से जोड़ने और जल्द उपचार शुरू करने पर बल दिया। साथ ही, सभी एआरटी से जुड़े व्यक्तियों के वायरल लोड सप्रेशन की जांच मार्गदर्शिका के अनुसार करने का निर्देश दिया गया। बैठक में राष्ट्रीय एड्स संगठन द्वारा निर्धारित 95:95:99 लक्ष्य की प्राप्ति पर भी चर्चा हुई। इसका एक प्रमुख उद्देश्य एचआईवी/एड्स से संक्रमित और प्रभावित लोगों के प्रति भेदभाव को दूर करना है। इसके लिए एचआईवी एड्स अधिनियम 2017 के संबंध में जानकारी को बढ़ावा देने और आम जनता के बीच एचआईवी/एड्स के बारे में व्यापक जागरूकता बढ़ाने की गतिविधियों को तेज करने का निर्णय लिया गया।


