Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार आज भारी गिरावट के साथ बंद हुआ है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 1.28 फीसदी या 1068 अंक की गिरावट के साथ 82,225 पर बंद हुआ। बाजार बंद होते समय सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 8 शेयर हरे निशान पर और 22 शेयर लाल निशान पर थे। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी आज 1.12 फीसदी या 288 अंक की गिरावट के साथ 25,424 पर बंद हुआ। आज एनएसई पर ट्रेडेड 3273 शेयरों में से 2,104 शेयर लाल निशान पर, 1070 शेयर हरे निशान पर और 99 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। आज आई गिरावट से निवेशकों को करीब 3 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
सेंसेक्स के शेयरों का हाल
सेंसेक्स पैक के शेयरों में आज सबसे अधिक गिरावट टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इटरनल, इन्फोसिस, टीसीएस, लार्सन एंड टुब्रो, ट्रेंट और एयरटेल के शेयर में देखने को मिली। वहीं, एनटीपीसी, एचयूएल, टाटा स्टील, पावरग्रिड और टाइटन के शेयर हरे निशान पर बंद हुए।

आईटी शेयरों में जबरदस्त बिकवाली
बाजार में आज सबसे अधिक गिरावट आईटी शेयरों में दर्ज हुई है। निफ्टी आईटी 4.74 फीसदी गिरकर बंद हुआ। इसके अलावा, निफ्टी रियल्टी में 2.54 फीसदी, निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम में 3.82 फीसदी, निफ्टी केमिकल्स में 1.07 फीसदी, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.47 फीसदी, निफ्टी मीडिया में 1.31 फीसदी और निफ्टी ऑटो में 0.45 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। इससे इतर निफ्टी मेटल में 0.93 फीसदी, निफ्टी फार्मा में 0.24 फीसदी, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.29 फीसदी, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.50 फीसदी और निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर में 0.35 फीसदी की तेजी दर्ज हुई।
क्यों आई बाजार में गिरावट?
- ट्रंप प्रशासन अपनी टैरिफ रणनीति को लेकर और अधिक आक्रामक होता दिखाई दे रहा है। ट्रंप प्रशासन सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए वैश्विक टैरिफ को रिप्लेस करने के लिए ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट 1962 की धारा 232 का उपयोग करने की योजना बना रहा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, टैरिफ से जुड़े ये घटनाक्रम अभी और भी अर्थव्यवस्थाओं और बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
- ईरान में स्थितियां ठीक नहीं हैं। पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। बढ़ते तनाव से निवेशक सतर्क बने हुए हैं। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी भी दी है।
- आईटी शेयरों में जबरदस्त बिकवाली से मार्केट सेंटीमेंट पर बड़ा असर पड़ा है। फरवरी महीने में अब तक निफ्टी आईटी 20% से अधिक गिर चुका है। इसका कारण एआई से जुड़े संभावित प्रभाव और अमेरिका में ऊंची ब्याज दरों को लेकर चिंता बतायी जा रही है।
- ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 72 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जो छह महीने के उच्च स्तर के करीब है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार की धारणा पर दबाव डाल रही हैं।


