फिलहाल खाली नहीं होगा राबड़ी आवास:10 सर्कुलर वाले घर से लालू परिवार को BJP नेता हटाना चाहते थे; जानिए नीतीश कुमार ने कैसे बदला प्लान

फिलहाल खाली नहीं होगा राबड़ी आवास:10 सर्कुलर वाले घर से लालू परिवार को BJP नेता हटाना चाहते थे; जानिए नीतीश कुमार ने कैसे बदला प्लान

तारीख- 25 नवंबर 2025 बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने एक लेटर निकाला। जिसमें लिखा था- विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड बंगला अलॉट किया जाता है। इस लेटर के सामने आते ही बिहार की राजनीति में खलबली मच गई। कहा गया- राबड़ी देवी को 20 साल बाद 10 सर्कुलर रोड वाला बंगला खाली करना होगा। इस नोटिस को निकले आज 90 दिन हो गए हैं। राबड़ी देवी अब भी उसी बंगले में आराम से हैं। सूचना है कि ना वह खाली करेंगी और ना सरकार उसे खाली कराना चाहती है। राबड़ी देवी लेटर निकलने के बाद भी आवास क्यों खाली नहीं करेंगी। सरकार ने कैसे अपने फैसले को बदलने का मन बनाया है। जानिए, इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में…। भाजपा के बड़े नेता के दवाब में निकला था आदेश सूत्रों के मुताबिक, राबड़ी आवास को खाली कराने का प्लान भाजपा के एक बड़े मंत्री का था। नई सरकार में ताकत मिलने के बाद उन्होंने तुरंत इसे अप्लाई करना शुरू किया। उन्होंने एक अफसर को ऐसा करने को कहा। सरकारी भवनों की रखवाली करने की जिम्मेदारी वाला भवन निर्माण विभाग JDU कोटे के मंत्री विजय चौधरी के पास है। चौधरी को नीतीश कुमार का खास माना जाता है। भाजपा के बड़े नेता ने जिस अफसर को ऐसा करने को कहा था वह भी मुख्यमंत्री के खास अफसरों में से है। बताया जा रहा है कि भाजपा नेता ने जब ऐसा करने को कहा तो मंत्री और अफसर ने उनकी बात मान ली। क्योंकि पहली बार गृह मंत्रालय छोड़ने के फैसले ने मंत्री और अफसरों में नीतीश कुमार के कमजोर होने की छवि को मजबूत कर दिया था। हालांकि, मंत्री और अफसर ने यहां थोड़ी चालाकी कर दी थी, राबड़ी देवी को नया आवास को अलॉट कर दिया लेकिन ना खाली करने का नोटिस दिया और ना ही 10 सर्कुलर रोड वाले बंगले को किसी और मंत्री को अलॉट किया। मीडिया में खबर आने पर नीतीश हुए एक्टिव बताया जाता है कि नीतीश कुमार को राबड़ी देवी के नए आवास के बारे में जानकारी नहीं थी। मीडिया में जब घर खाली करने की खबरें चलने लगी तो उन्होंने अफसर से बुलाकर पूछा। अफसर ने पूरी बात बताई। इसके बाद उन्होंने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। सूत्रों के मुताबिक, इसे लेकर नीतीश कुमार ने भाजपा नेता से बात की और फटकार तक लगाई। साथ ही आगे से दूसरे के विभाग में दखल नहीं देने की हिदायत दी। अब जानिए, क्या है 39 हार्डिंग रोड वाले बंगला की हालत? राबड़ी देवी को अलॉट नए कोठी की मरम्मत कराई जा रही है। इसमें रंग-रोगन से लेकर अन्य तरह की बेसिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है। मरम्मत से जुड़े काम को पूरा कर लिया गया है। बिजली, प्लंबर आदि के काम हो गए हैं। पेड़-पौधों की छटाई कर ली गई है। साफ है नई कोठी राबड़ी देवी के इंतजार में है। राबड़ी के लिए नए घर में रहना मुश्किल 39 हार्डिंग रोड बंगला की सुविधाओं के बारे में हमने यहां रह चुके पूर्व मंत्री रामसूरत राय से बात की। उन्होंने बताया कि यह आवास एक परिवार के रहने के लिए काफी बड़ा है। हालांकि राबड़ी देवी अगर अपने दोनों बेटों, सभी बेटियों और उनके बच्चों के साथ रहना चाहें तो मुश्किल होगी। इसके लिए उन्हें दूसरा आशियाना देखना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह घर इतना बड़ा जरूर है कि राबड़ी देवी और लालू यादव रह सकें। बंगले की मुख्य इमारत दो मंजिला है। इसमें ऊपर 3 और नीचे 3 बड़े बेडरूम हैं। इसके अलावा ड्राइंग रूम, डाइनिंग रूम, एक बड़ा हॉल है। मुख्य बिल्डिंग से अलग स्टाफ के लिए अलग-अलग क्वार्टर हैं। सिक्योरिटी गार्ड के लिए क्वार्टर बने हैं। पूर्व मंत्री ने बताया कि 39 हार्डिंग रोड में बड़ा गार्डन है। यहां राबड़ी देवी के लिए मॉर्निंग वॉक करना आसान होगा। गार्डन में एक बड़ा फ्रंट लॉन है। यहां से विजिटर्स एंट्री करते हैं। पूरे गार्डन एरिया में नीम, पीपल, अमलतास, अशोक, आम, जामुन, गुलमोहर और कनेर जैसे पेड़ हैं। बगीचे में मौसमी और सजावटी फूल (जैसे- गुलाब, गेंदा, डहलिया, हरसिंगार, बेला, मोगरा) लगाए गए हैं। किचन गार्डन भी बनाया गया है। इसमें गोभी, बैंगन, धनिया, मेथी, पालक आदि उगाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बंगले में आधुनिक सुविधाओं से लैस ऑफिस है। यहां के सभी कमरे, ऑफिस और वेटिंग हॉल में अटैच बाथरूम है। स्टाफ के बैठने की जगह, स्टोर रूम और किचन के साथ सर्वेंट एरिया भी है। आवास में जानवरों को रखने के लिए भी पर्याप्त जगह है। कैसे होता है आवास का आवंटन? मंत्री को उनकी कैटेगरी के अनुसार आवास मिलता है। राबड़ी देवी को 39 नंबर हार्डिंग रोड विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के आधार पर मिला है। विधायक और एमएलसी के आवास क्षेत्र‑वार तय किए गए हैं। अब किसी सीट से चुने गए विधायक के लिए संबंधित मकान पहले से तय रहेगा। तारीख- 25 नवंबर 2025 बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने एक लेटर निकाला। जिसमें लिखा था- विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड बंगला अलॉट किया जाता है। इस लेटर के सामने आते ही बिहार की राजनीति में खलबली मच गई। कहा गया- राबड़ी देवी को 20 साल बाद 10 सर्कुलर रोड वाला बंगला खाली करना होगा। इस नोटिस को निकले आज 90 दिन हो गए हैं। राबड़ी देवी अब भी उसी बंगले में आराम से हैं। सूचना है कि ना वह खाली करेंगी और ना सरकार उसे खाली कराना चाहती है। राबड़ी देवी लेटर निकलने के बाद भी आवास क्यों खाली नहीं करेंगी। सरकार ने कैसे अपने फैसले को बदलने का मन बनाया है। जानिए, इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में…। भाजपा के बड़े नेता के दवाब में निकला था आदेश सूत्रों के मुताबिक, राबड़ी आवास को खाली कराने का प्लान भाजपा के एक बड़े मंत्री का था। नई सरकार में ताकत मिलने के बाद उन्होंने तुरंत इसे अप्लाई करना शुरू किया। उन्होंने एक अफसर को ऐसा करने को कहा। सरकारी भवनों की रखवाली करने की जिम्मेदारी वाला भवन निर्माण विभाग JDU कोटे के मंत्री विजय चौधरी के पास है। चौधरी को नीतीश कुमार का खास माना जाता है। भाजपा के बड़े नेता ने जिस अफसर को ऐसा करने को कहा था वह भी मुख्यमंत्री के खास अफसरों में से है। बताया जा रहा है कि भाजपा नेता ने जब ऐसा करने को कहा तो मंत्री और अफसर ने उनकी बात मान ली। क्योंकि पहली बार गृह मंत्रालय छोड़ने के फैसले ने मंत्री और अफसरों में नीतीश कुमार के कमजोर होने की छवि को मजबूत कर दिया था। हालांकि, मंत्री और अफसर ने यहां थोड़ी चालाकी कर दी थी, राबड़ी देवी को नया आवास को अलॉट कर दिया लेकिन ना खाली करने का नोटिस दिया और ना ही 10 सर्कुलर रोड वाले बंगले को किसी और मंत्री को अलॉट किया। मीडिया में खबर आने पर नीतीश हुए एक्टिव बताया जाता है कि नीतीश कुमार को राबड़ी देवी के नए आवास के बारे में जानकारी नहीं थी। मीडिया में जब घर खाली करने की खबरें चलने लगी तो उन्होंने अफसर से बुलाकर पूछा। अफसर ने पूरी बात बताई। इसके बाद उन्होंने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। सूत्रों के मुताबिक, इसे लेकर नीतीश कुमार ने भाजपा नेता से बात की और फटकार तक लगाई। साथ ही आगे से दूसरे के विभाग में दखल नहीं देने की हिदायत दी। अब जानिए, क्या है 39 हार्डिंग रोड वाले बंगला की हालत? राबड़ी देवी को अलॉट नए कोठी की मरम्मत कराई जा रही है। इसमें रंग-रोगन से लेकर अन्य तरह की बेसिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है। मरम्मत से जुड़े काम को पूरा कर लिया गया है। बिजली, प्लंबर आदि के काम हो गए हैं। पेड़-पौधों की छटाई कर ली गई है। साफ है नई कोठी राबड़ी देवी के इंतजार में है। राबड़ी के लिए नए घर में रहना मुश्किल 39 हार्डिंग रोड बंगला की सुविधाओं के बारे में हमने यहां रह चुके पूर्व मंत्री रामसूरत राय से बात की। उन्होंने बताया कि यह आवास एक परिवार के रहने के लिए काफी बड़ा है। हालांकि राबड़ी देवी अगर अपने दोनों बेटों, सभी बेटियों और उनके बच्चों के साथ रहना चाहें तो मुश्किल होगी। इसके लिए उन्हें दूसरा आशियाना देखना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह घर इतना बड़ा जरूर है कि राबड़ी देवी और लालू यादव रह सकें। बंगले की मुख्य इमारत दो मंजिला है। इसमें ऊपर 3 और नीचे 3 बड़े बेडरूम हैं। इसके अलावा ड्राइंग रूम, डाइनिंग रूम, एक बड़ा हॉल है। मुख्य बिल्डिंग से अलग स्टाफ के लिए अलग-अलग क्वार्टर हैं। सिक्योरिटी गार्ड के लिए क्वार्टर बने हैं। पूर्व मंत्री ने बताया कि 39 हार्डिंग रोड में बड़ा गार्डन है। यहां राबड़ी देवी के लिए मॉर्निंग वॉक करना आसान होगा। गार्डन में एक बड़ा फ्रंट लॉन है। यहां से विजिटर्स एंट्री करते हैं। पूरे गार्डन एरिया में नीम, पीपल, अमलतास, अशोक, आम, जामुन, गुलमोहर और कनेर जैसे पेड़ हैं। बगीचे में मौसमी और सजावटी फूल (जैसे- गुलाब, गेंदा, डहलिया, हरसिंगार, बेला, मोगरा) लगाए गए हैं। किचन गार्डन भी बनाया गया है। इसमें गोभी, बैंगन, धनिया, मेथी, पालक आदि उगाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बंगले में आधुनिक सुविधाओं से लैस ऑफिस है। यहां के सभी कमरे, ऑफिस और वेटिंग हॉल में अटैच बाथरूम है। स्टाफ के बैठने की जगह, स्टोर रूम और किचन के साथ सर्वेंट एरिया भी है। आवास में जानवरों को रखने के लिए भी पर्याप्त जगह है। कैसे होता है आवास का आवंटन? मंत्री को उनकी कैटेगरी के अनुसार आवास मिलता है। राबड़ी देवी को 39 नंबर हार्डिंग रोड विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के आधार पर मिला है। विधायक और एमएलसी के आवास क्षेत्र‑वार तय किए गए हैं। अब किसी सीट से चुने गए विधायक के लिए संबंधित मकान पहले से तय रहेगा।  

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