एमपी में तबादलों-बर्खास्तगी पर लगी पाबंदी, 25 हजार कर्मचारियों के लिए हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

एमपी में तबादलों-बर्खास्तगी पर लगी पाबंदी, 25 हजार कर्मचारियों के लिए हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

MP Highcourt- मध्यप्रदेश में राज्य सरकार के करीब 25 हजार कर्मचारियों के तबादलों और बर्खास्तगी पर पाबंदी लगा दी गई है। प्रदेश के ग्राम रोजगार सहायकों के लिए यह रोक लगी है। जबलपुर हाईकोर्ट ने उनके मामले से संबंधित सुनवाई के बाद राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट ने ग्राम रोजगार सहायक मार्गदर्शिका 2025 पर रोक लगाने का आदेश दिया है। कहीं भी रोजगार सहायकों का तबादला न हो, इसके लिए अन्य संबंधित अधिकारियों सहित प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर को भी हाईकोर्ट का यह आदेश भेजा जा रहा है।

राज्य सरकार ने रोजगार सहायकों के तबादलों और बर्खास्तगी के संबंध में नई नीति निर्धारित कर मार्गदर्शिका जारी की थी।
सरकार की स्थानांतरण और सेवा समाप्ति नीति से रोजगार सहायकों में असंतोष फैला। उन्होंने नई मार्गदर्शिका की शर्तों का विरोध करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका लगाते हुए इसे चुनौती दी।

ग्राम रोजगार सहायक मार्गदर्शिका 2025 में हर साल रोजगार सहायक का इवैल्यूएशन किया जाता है। 1 अप्रैल से 15 मार्च के बीच के समय में इवैल्यूएशन में कम स्कोर पर उन्हें नौकरी से हटाया जा सकता है। इस प्रावधान सहित अन्य शर्तों का भी रोजगार सहायकों ने विरोध किया था।

राज्य के करीब 25 हजार रोजगार सहायकों को इसका लाभ मिलेगा

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार को याचिका की सुनवाई की। कोर्ट ने मार्गदर्शिका 2025 पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि अभी रोजगार सहायक का तबादला या ​बर्खास्तगी नहीं की जा सकेगी। कोर्ट ने राज्य सरकार से 4 सप्ताह में जवाब भी मांगा है। राज्य के करीब 25 हजार रोजगार सहायकों को इसका लाभ मिलेगा।

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