मधेपुरा के मुरलीगंज थाना क्षेत्र के खाड़ी गांव में बदमाशों ने एक किसान की साल भर की मेहनत को मिट्टी में मिला दिया। खाड़ी दक्षिणवारी टोला वार्ड-14 निवासी रामानंद यादव के पोखर में अज्ञात असामाजिक तत्वों ने देर रात जहर डाल दिया, जिससे लगभग पांच लाख रुपये मूल्य की मछलियां मर गई। 1साल पहले डाला था दो लाख का मछली बीज सुबह जब ग्रामीणों ने पोखर की सतह पर भारी मात्रा में मरी हुई मछलियों को तैरते देखा, तो पोखर मालिक को सूचना दी गई। पीड़ित किसान रामानंद यादव ने बताया कि उनका पोखर खाड़ी दुर्गा स्थान वार्ड-16 के पास स्थित है। करीब आधा एकड़ में फैले इस पोखर में उन्होंने एक साल पहले लगभग दो लाख रुपये का मछली बीज डाला था। दिन-रात मेहनत कर वे मछलियों का पालन कर रहे थे और अब फसल तैयार होने की स्थिति में थी। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार अच्छी आमदनी होगी, लेकिन अपराधियों की इस करतूत ने उन्हें आर्थिक रूप से तोड़ दिया है। रामानंद यादव के अनुसार मछलियों की कुल कीमत वर्तमान बाजार दर से करीब 5 लाख रुपये थी। अचानक हुई इस क्षति से परिवार के सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है। रात में किसने यह जहर घोला, हमें नहीं पता ग्रामीणों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्र के किसानों के मनोबल को गिराने वाला कृत्य बताया है। पीड़ित रामानंद यादव ने बताया कि हमने अपनी गाढ़ी कमाई इस पोखर में लगाई थी। रात में किसने यह जहर घोला, हमें नहीं पता। प्रशासन से गुहार है कि दोषियों को ढूंढा जाए और हमें उचित मुआवजा दिलाया जाए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में इस तरह की घटना पहले कभी नहीं हुई थी। इस वारदात से मछली पालकों में भारी आक्रोश और भय व्याप्त है। मधेपुरा के मुरलीगंज थाना क्षेत्र के खाड़ी गांव में बदमाशों ने एक किसान की साल भर की मेहनत को मिट्टी में मिला दिया। खाड़ी दक्षिणवारी टोला वार्ड-14 निवासी रामानंद यादव के पोखर में अज्ञात असामाजिक तत्वों ने देर रात जहर डाल दिया, जिससे लगभग पांच लाख रुपये मूल्य की मछलियां मर गई। 1साल पहले डाला था दो लाख का मछली बीज सुबह जब ग्रामीणों ने पोखर की सतह पर भारी मात्रा में मरी हुई मछलियों को तैरते देखा, तो पोखर मालिक को सूचना दी गई। पीड़ित किसान रामानंद यादव ने बताया कि उनका पोखर खाड़ी दुर्गा स्थान वार्ड-16 के पास स्थित है। करीब आधा एकड़ में फैले इस पोखर में उन्होंने एक साल पहले लगभग दो लाख रुपये का मछली बीज डाला था। दिन-रात मेहनत कर वे मछलियों का पालन कर रहे थे और अब फसल तैयार होने की स्थिति में थी। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार अच्छी आमदनी होगी, लेकिन अपराधियों की इस करतूत ने उन्हें आर्थिक रूप से तोड़ दिया है। रामानंद यादव के अनुसार मछलियों की कुल कीमत वर्तमान बाजार दर से करीब 5 लाख रुपये थी। अचानक हुई इस क्षति से परिवार के सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है। रात में किसने यह जहर घोला, हमें नहीं पता ग्रामीणों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्र के किसानों के मनोबल को गिराने वाला कृत्य बताया है। पीड़ित रामानंद यादव ने बताया कि हमने अपनी गाढ़ी कमाई इस पोखर में लगाई थी। रात में किसने यह जहर घोला, हमें नहीं पता। प्रशासन से गुहार है कि दोषियों को ढूंढा जाए और हमें उचित मुआवजा दिलाया जाए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में इस तरह की घटना पहले कभी नहीं हुई थी। इस वारदात से मछली पालकों में भारी आक्रोश और भय व्याप्त है।


