पटना में सोमवार को दफादार और चौकीदारों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विभिन्न जिलों से सैकड़ों की संख्या में दफादार-चौकीदार जेपी गोलंबर पर एकत्र हुए। उन्होंने मानदेय बढ़ाने, सेवा शर्तों में सुधार और लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दोपहर होते-होते प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने जेपी गोलंबर पर लगाई गई बैरिकेडिंग तोड़ दी और डाकबंगला चौराहा की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने सबको खदेड़कर भगाया। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुआ। वहीं, अफरा-तफरी मचने से आरा के रहने वाले चौकीदार प्रभु को चोट भी लग गई। उनको इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। फिलहाल मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। देखें प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें…
भारी संख्या में पुलिस बल तैनात हैं वहीं, हंगामे की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया। डाकबंगला चौराहा पर भारी संख्या में पुलिस बल, दंगा नियंत्रण वाहन और अतिरिक्त जवान तैनात किए गए। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई के इस दौर में मौजूदा मानदेय से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और उन्हें आगे बढ़ने से रोका। इस दौरान हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं रुके और डाकबंगला की ओर आगे बढ़ गए। पटना में सोमवार को दफादार और चौकीदारों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विभिन्न जिलों से सैकड़ों की संख्या में दफादार-चौकीदार जेपी गोलंबर पर एकत्र हुए। उन्होंने मानदेय बढ़ाने, सेवा शर्तों में सुधार और लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दोपहर होते-होते प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने जेपी गोलंबर पर लगाई गई बैरिकेडिंग तोड़ दी और डाकबंगला चौराहा की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने सबको खदेड़कर भगाया। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुआ। वहीं, अफरा-तफरी मचने से आरा के रहने वाले चौकीदार प्रभु को चोट भी लग गई। उनको इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। फिलहाल मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। देखें प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें…
भारी संख्या में पुलिस बल तैनात हैं वहीं, हंगामे की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया। डाकबंगला चौराहा पर भारी संख्या में पुलिस बल, दंगा नियंत्रण वाहन और अतिरिक्त जवान तैनात किए गए। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई के इस दौर में मौजूदा मानदेय से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और उन्हें आगे बढ़ने से रोका। इस दौरान हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं रुके और डाकबंगला की ओर आगे बढ़ गए।


