सीतापुर में बकाया मजदूरी भुगतान की मांग को लेकर दारुका पेपर मिल के मजदूरों का आक्रोश एक बार फिर सड़क पर देखने को मिला। कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत मंडी चौकी स्थित मिल मालिक के आवास पर रविवार को 30 से अधिक मजदूर धरने पर बैठ गए। मजदूरों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों ने बताया कि दारुका पेपर मिल पिछले करीब चार महीनों से बंद पड़ी है। मिल मालिकों के आपसी विवाद के चलते अचानक मिल बंद कर दी गई, जिससे सैकड़ों मजदूर बेरोजगार हो गए। मिल बंद होने के बाद से मजदूर लगातार अपने बकाया वेतन के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें पूरा भुगतान नहीं मिल सका है। प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि वे जिला प्रशासन से लेकर मिल प्रबंधन की हर चौखट पर गुहार लगा चुके हैं। जिलाधिकारी से भी कई बार शिकायत की गई, लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। मजदूरों का आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के बाद कभी-कभी कुछ बकाया राशि दी जाती है, लेकिन पूरा भुगतान करने के बजाय सिर्फ टालमटोल की जा रही है। मजदूरों ने यह भी बताया कि बकाया भुगतान को लेकर इससे पहले किसान संगठनों द्वारा भी प्रदर्शन किया जा चुका है, लेकिन उसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। लगातार काम बंद रहने और वेतन न मिलने से मजदूरों के परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है। बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति पर नजर बनाए रखी। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनका बकाया वेतन नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। प्रशासन की ओर से मजदूरों को शांत कराने और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया है।


