गुजरात सरकार ने विधानसभा में विवाह पंजीकरण नियमों में संशोधन का ड्राफ्ट पेश किया है। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, अब लव-मैरिज के लिए आवेदन करने पर लड़के-लड़की के माता-पिता को व्हाट्सएप के जरिए सूचित किया जाएगा और आवेदन के 40वें दिन शादी का प्रमाण-पत्र मिलेगा। डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने कहा कि हमें प्रेम विवाह से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अगर कोई सलीम सुरेश बनकर हमारी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाए, तो हम उसे नहीं छोड़ेंगे। संघवी ने कहा कि राज्य में एक ऐसी व्यवस्था बनाई गई है, जिससे माता-पिता की अनुमति से विवाह करने वालों को और प्रेम विवाह में अपनी झूठी पहचान न दिखाने वालों को कोई परेशानी न हो। नई व्यवस्था में नोटरी का काम सभी की उपस्थिति में करना होगा। ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने की तैयारी
डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने आगे बताया कि राज्य सरकार आने वाले दिनों में प्रेम विवाहों के पंजीकरण के लिए एक अलग ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने की तैयारी कर रही है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम हो सके। इसमें पंजीकरण के लिए आवेदन जमा होते ही, बेटी द्वारा विवाह पंजीकरण के लिए दी गई जानकारी माता-पिता को व्हाट्सएप के माध्यम से भेज दी जाएगी। इस संबंध में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सदन में कहा कि राज्य सरकार प्रेम विवाह के खिलाफ नहीं है, लेकिन लड़कियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए विवाह पंजीकरण नियमों में संशोधन आवश्यक हो गया है। नए नियमों के तहत, दूल्हा-दुल्हन के साथ आने वाले गवाहों का पूरा विवरण, उनकी तस्वीरें और आधार कार्ड की प्रतियां देना अनिवार्य कर दिया गया है। अदालत में सरकार के साथ पंजीकरण कराना भी अनिवार्य होगा। दहेज या संपत्ति को लेकर उत्पीड़न होने पर कड़ी कार्रवाई
हर्ष संघवी ने कहा कि अगर शादी के बाद किसी लड़की को दहेज या संपत्ति को लेकर परेशान किया जाता है तो गुजरात पुलिस ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करेगी। सरकार का उद्देश्य लड़कियों की सुरक्षा और कानूनी संरक्षण सुनिश्चित करना है। सदन में इस संशोधन को पेश किए जाने पर बहस हुई और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और चर्चा होने की संभावना है। विवाह पंजीकरण पर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित
गुजरात विधानसभा में उपमुख्यमंत्री ने नियम 44 के तहत जनहित के एक महत्वपूर्ण विषय पर एक महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को प्राप्त विभिन्न अभ्यावेदनों पर विचार करते हुए, राज्य सरकार ने गुजरात विवाह पंजीकरण नियमों के अंतर्गत विवाह पंजीकरण प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए नियमों में संशोधन करने का निर्णय लिया है। इन संशोधनों पर जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे और प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद, अंतिम नए नियम लागू किए जाएंगे, ताकि विवाह पंजीकरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम हो सके। —————-
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