मनरेगा सत्याग्रह उपवास, कांग्रेस ने जताया विरोध:महात्मा गांधी पुण्यतिथि पर ‘जी राम जी कानून’ के खिलाफ डीएम को ज्ञापन

मनरेगा सत्याग्रह उपवास, कांग्रेस ने जताया विरोध:महात्मा गांधी पुण्यतिथि पर ‘जी राम जी कानून’ के खिलाफ डीएम को ज्ञापन

शेखपुरा में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर कांग्रेस ने एक दिवसीय मनरेगा सत्याग्रह उपवास रखा। यह उपवास मनरेगा रोजगार कानून को बदलकर ‘विकसित भारत जी राम जी कानून’ लाने के विरोध में आयोजित किया गया था। इस दौरान जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं के साथ मजदूर-किसानों भी पहुंचे यह कार्यक्रम जिला मुख्यालय के प्रवेश द्वार तीन मोहानी पर हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मजदूर और किसानों ने भाग लिया। कांग्रेस नेता शंभू सिंह, गुलाम रब्बानी, आनंदी यादव और केदार राम सहित अन्य प्रमुख नेता उपस्थित थे। आंदोलन स्थल पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर फूल माला चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष प्रभात कुमार चंद्रवंशी के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को समाप्त कर बदलने का कदम गरीब मजदूर परिवारों के जीवन को तबाह कर देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मनरेगा की पुरानी अवधारणा को हटाने से ग्रामीण स्तर पर भुखमरी बढ़ेगी और देश में अमीर-गरीब की खाई और गहरी होगी, जिससे आर्थिक संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सम्मान में नए कानून का नाम मनरेगा ही रहने दिया जाए। इसके अतिरिक्त, मनरेगा के बजट को दोगुना करने और इसमें व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की भी मांग की गई। एक महत्वपूर्ण मांग यह भी थी कि मनरेगा कानून पर से केंद्र सरकार का नियंत्रण हटाकर इसे राज्य सरकारों के अधीन किया जाए। ज्ञापन में जिले में अतिक्रमण के नाम पर गरीब दलित बस्तियों के घरों को तोड़ने पर रोक लगाने की भी मांग की गई, जिससे इन लोगों में दहशत का माहौल है। कांग्रेस पार्टी द्वारा मनरेगा सत्याग्रह को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाया जा रहा है। इससे पहले, 11 जनवरी को भी भूख हड़ताल आयोजित कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर लोगों को इस नए कानून के बदलाव के बारे में जागरूक करने का प्रयास किया था। इसके बाद शुक्रवार को महात्मा गांधी के शहीद दिवस के अवसर पर धरना का आयोजन किया गया। जिला अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि मनरेगा कानून के पुराने स्वरूप में लाने तक कांग्रेस पार्टी संसद से लेकर सड़क तक आंदोलन जारी रखेगी। शेखपुरा में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर कांग्रेस ने एक दिवसीय मनरेगा सत्याग्रह उपवास रखा। यह उपवास मनरेगा रोजगार कानून को बदलकर ‘विकसित भारत जी राम जी कानून’ लाने के विरोध में आयोजित किया गया था। इस दौरान जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं के साथ मजदूर-किसानों भी पहुंचे यह कार्यक्रम जिला मुख्यालय के प्रवेश द्वार तीन मोहानी पर हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मजदूर और किसानों ने भाग लिया। कांग्रेस नेता शंभू सिंह, गुलाम रब्बानी, आनंदी यादव और केदार राम सहित अन्य प्रमुख नेता उपस्थित थे। आंदोलन स्थल पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर फूल माला चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष प्रभात कुमार चंद्रवंशी के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को समाप्त कर बदलने का कदम गरीब मजदूर परिवारों के जीवन को तबाह कर देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मनरेगा की पुरानी अवधारणा को हटाने से ग्रामीण स्तर पर भुखमरी बढ़ेगी और देश में अमीर-गरीब की खाई और गहरी होगी, जिससे आर्थिक संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सम्मान में नए कानून का नाम मनरेगा ही रहने दिया जाए। इसके अतिरिक्त, मनरेगा के बजट को दोगुना करने और इसमें व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की भी मांग की गई। एक महत्वपूर्ण मांग यह भी थी कि मनरेगा कानून पर से केंद्र सरकार का नियंत्रण हटाकर इसे राज्य सरकारों के अधीन किया जाए। ज्ञापन में जिले में अतिक्रमण के नाम पर गरीब दलित बस्तियों के घरों को तोड़ने पर रोक लगाने की भी मांग की गई, जिससे इन लोगों में दहशत का माहौल है। कांग्रेस पार्टी द्वारा मनरेगा सत्याग्रह को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाया जा रहा है। इससे पहले, 11 जनवरी को भी भूख हड़ताल आयोजित कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर लोगों को इस नए कानून के बदलाव के बारे में जागरूक करने का प्रयास किया था। इसके बाद शुक्रवार को महात्मा गांधी के शहीद दिवस के अवसर पर धरना का आयोजन किया गया। जिला अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि मनरेगा कानून के पुराने स्वरूप में लाने तक कांग्रेस पार्टी संसद से लेकर सड़क तक आंदोलन जारी रखेगी।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *